मरीजों की संख्या में वृद्धि:रोज पहुंच रहे 150 से अधिक मरीज

गुरूर7 दिन पहले
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क्षेत्र में गर्मी बढ़ने के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। स्वास्थ्य केंद्र में पर्ची बनवाने से लेकर डॉक्टरों के कक्ष, महिला पुरुष वार्ड व दवाई कक्ष के सामने मरीजों की भीड़ देखी गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर सुभाष साहू ने बताया कि गर्मी अधिक होने के चलते लोग वायरल फीवर का शिकार होने लगे हैं।

डॉक्टरों ने बताया कि भीषण गर्मी का सीधा असर लोगों के शरीर पर पड़ रहा है। अस्पताल में ज्यादातर मरीज उल्टी दस्त, पेट दर्द, सिरदर्द की शिकायत को लेकर पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह पहले यहां मरीजों की संख्या लगभग 100 के आसपास थी लेकिन अब रोज यहां डेढ़ सौ से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। डाक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में डायरिया, हैजा, पीलिया, डी-हाइड्रेशन सहित कई बीमारियों के होने की ज्यादा शिकायत रहती है। ये पीने का पानी ढका न होना, बिना ढंके खाने पर मंडराती मक्खियां, बासी खाना खाने आदि कारणों से हो सकते हैं। इससे मरीज को उल्टियां, दस्त व बुखार जैसे रोग जकड़ लेते हैं। इनसे मरीज के शरीर में पानी की कमी होने से डी-हाइड्रेशन हो सकता है। ऐसे में जितना जल्दी हो सके, मरीज को नजदीक के अस्पताल में ले जाना चाहिए।

बच्चों का विशेष ख्याल रखें: बीएमओ बीएमओ डॉक्टर के बांबेश्वर ने कहा कि गर्मी से बचाव के लिए बच्चों का विशेष रूप से ख्याल रखें। उल्टी दस्त, सिर दर्द आदि के लक्षण दिखने पर तुरंत ही इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में डॉक्टरों से संपर्क करें। बच्चों को ज्यादा ठंडे खाद्य पदार्थों से दूर रखें। पानी की अधिकांश मात्रा पसीने से जहां निकल जाती है, जिसकी कमी पूरी न होने पर सिर दर्द, बदहजमी, पेट दर्द, पैरों में दर्द जैसी शिकायत होने लगती है। उल्टी-दस्त भी शुरू हो जाते हैं। ऐसे में लोगों को चाहिए कि वह गर्मी को देखते हुए अधिक से अधिक पानी पीएं। अधिक चिकनाई युक्त भोजन करने से बचें, सादा व सुपाच्य भोजन करेंगे तो स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

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