पात्रता परीक्षा:टीईटी में 14510 गैरहाजिर, आसान सवालों से उम्मीदवारों के चेहरे खिले

दुर्ग19 दिन पहले
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रविवार को दो पारियों में व्यापम की टैग की परीक्षा हुई कल्याण कॉलेज से परीक्षा देकर बाहर निकलते हुए परीक्षार्थी। - Dainik Bhaskar
रविवार को दो पारियों में व्यापम की टैग की परीक्षा हुई कल्याण कॉलेज से परीक्षा देकर बाहर निकलते हुए परीक्षार्थी।

छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा में दोनों पालियों को मिलाकर 14,510 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली के लिए पंजीकृत 27,823 परीक्षार्थियों में से परीक्षा में 20,470 उपस्थित हुए और 7353 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इसी तरह दूसरी पाली में पंजीकृत 25,730 परीक्षार्थियों में से 18,573 परीक्षा में उपस्थित हुए। विभिन्न कारणों से 7157 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह पहली पाली में उपस्थित उम्मीदवारों का प्रतिशत 73.57 फीसदी और दूसरी पाली में 72.18 फीसदी रही। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9.30 से दोपहर 12.15 तक और दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 4.45 तक परीक्षा हुई।

पहली पाली में जहां पहली से पांचवी कक्षा तक पढ़ाने की पात्रता वाले उम्मीदवारों ने पात्रता के लिए परीक्षा दी दो दूसरी पाली में छठवीं से आठवीं तक की कक्षा में पढ़ाने की पात्रता के लिए उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। उम्मीदवारों के अनुसार प्रश्न पत्र में शिक्षकीय क्षमता के साथ-साथ बाल मनो विज्ञान, स्कूल प्रबंधन, छत्तीसगढ़ के सामान्य ज्ञान के सवाल थे। कुल मिलाकर पर्चा सामान्य रहा। इसकी वजह से परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को पात्रता प्राप्त होने की उम्मीद है। रविवार को सेंटरों में परिजन भी पहुंचे।

रिकार्ड उम्मीदवार, 7 लाख से ज्यादा हुआ था पंजीयन
परीक्षा में शामिल होने के वाले उम्मीदवारों का एक नया रिकार्ड बना है। पहले इनकी संख्या 16 से 18 हजार तक सीमित रहती थी। वहीं दोनों पालियों को मिलाकर दुर्ग जिले से 53,553 ने परीक्षा के लिए पंजीयन कराया। इनमें में 39043 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। राज्य स्तर पर परीक्षा के लिए 7,80,965 उम्मीदवारों ने पंजीयन कराया था। इनमें से परीक्षा में 5,49,642 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों का प्रतिशत 69.63 रहा। आसान सवालों से परीक्षार्थियों को राहत मिली।

पात्र उम्मीदवारों को मिलेगी आजीवन पात्रता
रविवार को हुई शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों में से सफल उम्मीदवारों को आजीवन पात्रता मिलेगी। पहले पात्रता की अवधि सात साल रखी गई थी। इस तरह छत्तीसगढ़ में कभी-भी शिक्षकों की रिक्त पदों पर भर्ती होगी तो शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल उम्मीदवार हमेशा पात्र होंगे। शर्त सिर्फ यह रहेगी कि नियुक्तियों के दौरान निर्धारित आयु सीमा के भीतर वह आएं। छत्तीसगढ़ में पहली बार आजीवन पात्रता दी जा रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले लोग से अपेक्षाएं भी ज्यादा
शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने बताया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में रिकॉर्ड पंजीयन हुआ। कई लोग इसमें शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आने वाले लोगों से अपेक्षाएं की जाती हैं कि वे अपने छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। ऐसे में उनका भी सब्जेक्ट में मास्टर होना जरूरी है। ऐसी परीक्षाओं को मतलब फिल्ट्रेशन से है। जो योग्य होता है। उसे ही मौका मिलता है। इस बार तो ये भी फायदा होगा कि जो एक बार सिलेक्ट हो जाता है। वे भर्ती परीक्षा के लिए हमेशा योग्य रहेंगे।

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