देश के पहले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में BSP का सरिया:​​​​​​​मुंबई-अहमदाबाद रेल कॉरिडोर के लिए 80 हजार टन TMT बार की आपूर्ति; ये भूकंप और जंगरोधी भी

भिलाई7 महीने पहले
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बीएसपी का जंगरोधी टीएमटी बार - Dainik Bhaskar
बीएसपी का जंगरोधी टीएमटी बार

छत्तीसगढ़ स्थित भिलाई स्टील प्लांट देश के पहले हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर के लिए टीएमटी बार्स (सरिया) की आपूर्ति कर रहा है। यहां चलने वाली बुलेट ट्रेन जिन पुलों से होकर दौड़ेगी उसके पिलर्स और स्टील पुलों में इन्हीं सरिया का इस्तेमाल होगा। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना के लिए BSP अभी तक 80,000 टन से अधिक टीएमटी बार दे चुका है। खास बात यह है कि यह बार (सरिया) भूकंप रोधी के साथ ही जंग रोधी भी हैं।

भारत की पहली निर्माणाधीन हाई-स्पीड रेल लाइन परियोजना का कार्य गुजरात खंड में तेजी से चल रहा है। पिछले वित्तीय वर्ष में इस परियोजना के लिए बीएसपी ने 500 डी-ग्रेड में 65,000 टन से अधिक टीएमटी बार्स की आपूर्ति की थी। टीएमटी बार का उपयोग हाई स्पीड रेल कॉरिडोर परियोजना के पिलर्स और गर्डर के निर्माण में किया जा रहा है। यह स्ट्रक्चर स्टील पुलों की भार वहन क्षमता को सपोर्ट करेगा।

2 घंटे में पूरी होगी मुंबई-अहमदाबाद की दूरी

508 किलोमीटर लंबी यह परियोजना महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे और पालघर से होते हुए गुजरात में वलसाड, नवसारी, सूरत, भरूच, वड़ोदरा, आनंद, खेड़ा और अहमदाबाद होकर गुजरेगा। इस पर चलने वाली बुलेट ट्रेन 508 किमी की दूरी को 320 किमी प्रति घंटा की अधिकतम गति के साथ 2 घंटे 7 मिनट में तय करेगी। MAHSR परियोजना के निर्माण कार्य को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।

बिजली और सिंचाई परियोजना के लिए विशेष स्टील का उत्पादन

भिलाई इस्पात संयंत्र की मर्चेंट मिल और बार एंड रॉड मिल के टीएमटी बार की भारत की अन्य बड़ी परियोजनाओं और बाजार में काफी डिमांड है। बीएसपी बिजली और सिंचाई परियोजनाओं के लिए आवश्यक रासायनिक गुणों वाले विशेष स्टील का उत्पादन कर रहा है। यहां उत्पादित टीएमटी बार्स का उपयोग भूकंप वाले क्षेत्रों में बनने वाली ऊंची इमारतों के लिए भी किया जा रहा है।

बार एंड रॉड मिल में उत्पादित टीएमटी बार की बेहतर गुणवत्ता, नेगेटिव टॉलरेंस, भूकंपरोधी और जंगरोधी गुणों तथा श्रेष्ठ वेल्डेबिलिटी की पूरे देश में फैले सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के ग्राहकों द्वारा व्यापक रूप से सराहना की गई है। बार एंड रॉड मिल, एफई 500 डी ग्रेड में टीएमटी बार्स और राॅड की रोलिंग करने के साथ-साथ एफई 550 ग्रेड में टीएमटी उत्पादों की भी रोलिंग कर रहा है।

अन्य बड़ी परियोजनाओं में भी भारी डिमांड

पूरे देश में सेल-भिलाई के टीएमटी बार्स का उपयोग बांधों, थर्मल, पनबिजली एवं न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं, पुलों, राजमार्गों, फ्लाईओवरों, सुरंगों और ऊंची इमारतों के अलावा कुछ ऐतिहासिक परियोजनाएं जैसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, बांद्रा-वर्ली सी-लिंक सेतु आदि के निर्माण में भी किया गया है। आगरा एक्सप्रेस-वे, जिस पर लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी है तथा उत्तर-पूर्वी भारत में कई पुलों और सुरंगों के निर्माण में भी सेल-बीएसपी के टीएमटी बार्स का उपयोग किया गया है।

चालू वित्त वर्ष में 15 हजार टन से अधिक की आपूर्ति

चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में अप्रैल से जून 2022 तक भिलाई इस्पात संयंत्र की मर्चेंट मिल और आधुनिक बार एंड रॉड मिल ने मिलकर 8 मिलीमीटर, 10 मिमी, 12 मिमी, 16 मिमी, 20 मिमी, 25 मिमी और 32 मिमी सहित विभिन्न आयामों के 500डी ग्रेड में 15,000 टन से अधिक टीएमटी बार्स की आपूर्ति की है। इनमें 121 टन टीएमटी बार्स 8 मिमी व्यास में, 733 टन 10 मिमी व्यास, 755 टन 12 मिमी व्यास, 3359 टन 16 मिमी व्यास, 1132 टन 20 मिमी व्यास, 890 टन 25 मिमी व्यास तथा 8040 टन 32 मिमी व्यास के टीएमटी बार्स की आपूर्ति की है। 25 मिमी और 32 मिमी टीएमटी बार्स की रोलिंग प्लांट की मर्चेंट मिल में की गई है तथा बाकी टीएमटी बार्स को प्लांट की माॅडेक्स यूनिट बार एंड रॉड मिल से रोल किया गया है।