जेल से निकलते ही फिर की चोरी:मोबाइल दुकान से माल उड़ाने वाला चोर पकड़ाया, 7 लाक का माल भी जब्त

भिलाई4 महीने पहले
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चोरी का खुलासा करते एसपी दुर्ग - Dainik Bhaskar
चोरी का खुलासा करते एसपी दुर्ग

भिलाई तीन थाने में छह माह के अंदर एक ही दुकान में दो बार चोरी की घटना हुई, लेकिन पुलिस ने सिर्फ एक चोरी का ही खुलासा किया है। यदि सीसीटीवी फुटेज आरोपी का चेहरा नहीं आता तो यह मामला भी अनसुलझा रह जाता। पुलिस ने फुटेज से पहचान कर चोरी के आरोपी जितेंद्र उर्फ जित्तू (34 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से साढ़े 7 लाख रुपए कीमत के 41 मोबाइल व एसेसरीज जब्त की गई है।

चोरी के मामले का खुलासा एसपी दुर्ग डॉ. अभिषेक पल्लव ने किया। उन्होंने बताया कि उत्तर यसुंधरा नगर पुरानी भिलाई निवासी रमेश कुमार क्षेतिजा 23 मई को थाना पुरानी भिलाई में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि पुरानी भिलाई जी ई रोड मस्जिद के सामने उसका मोहन मोबााल नाम से दुकान है। देर रात दुकान के छत की शीट को तोड़क कोई घुसा और दुकान से 41 नग मोबाइल फोन और मोबाइल ऐसेसरीज चोरी कर ले गए। भिलाई तीन पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

थाना प्रभारी पुरानी भिलाई और एसीसीयू की संयुक्त टीम पतासाजी शुरू की। पुलिस को दुकान के अंदर लगे सीसीटीवी फुटेज में आरोपी का चेहरा दिख गया था। उसी के आधार पर उसकी पहचान गैलेक्सी चौक पुरानी भिलाई निवासी जितेन्द्र (34 साल) के रूप में हुई। पुलिस को पता चला कि आरोपी जित्तू कुछ दिन पहले 2-3 मई को ही जेल से रिहा हुआ है। वह पहले भी चोरी और अन्य मामले में जेल जा चुका है। इसके बाद पुलिस की टीम ने जित्तू को घेराबंदी करके पकड़ा। पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

सीढ़ी के जरिए चढ़कर की थी चोरी
पूछताछ में आरोपी जित्तू ने बताया कि 23 मई की देर रात वह सीढ़ी के सहारे मोहन मोबाइल दुकान की छत पर चढ़ा था। इसके बाद छत में लगी लोहे की शीट को तोड़कर सीढ़ी के जरिये दुकान के अंदर उतर गया। दुकान से मोबाइल व एसेसरीज चोरी कर अपने घर में लाकर छिपा दिया। पुलिस ने उसके घर से 41 नग विभिन्न कंपनियों के फोन व मोबाइल ऐसेसरीज जब्त किया है।
पहली चोरी का आज तक नहीं लगा सुराग
इसी दुकान में छह महीने पहले भी छत में लगी शीट को तोड़कर चोरी की गई थी। आरोपी ने दुकान अंदर रखे 3.5 लाख रुपए नगद चोरी कर लिए थे। पुलिस आज तक इस मामले का सुराग तक नहीं पता कर पाई। इतना ही नहीं प्रेस वार्ता के दौरान पुरानी चोरी के मामले की पुलिस ने चर्चा करना भी जरूरी नहीं समझा।