कानून के तहत प्रवेश:आरटीई के तहत अभी तक 2969 बच्चों का एडमिशन, 2787 सीटों के लिए प्रक्रिया 1 से

भिलाईएक महीने पहले
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शिक्षा के अधिकार के तहत जिले में दूसरे चरण की प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू की जाएगी। - Dainik Bhaskar
शिक्षा के अधिकार के तहत जिले में दूसरे चरण की प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू की जाएगी।

शिक्षा का अधिकार के जिले में 514 निजी स्कूलों में 5748 सीटें रखी गई हैं। इनमें से 4040 सीटें अलॉट की गई थीं। इनमें से 2969 सीटों पर बच्चों ने प्रवेश ले लिया है। अभी भी 2787 सीटें बची हैं। इसके लिए दूसरे चरण की प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू की जाएगी। पिछले कुछ सालों की तरह इस बार भी जितनी सीटें सुरक्षित रखी गई हैं। उसकी तुलना में कम बच्चों ने प्रवेश लिया है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि नामचीन स्कूलों में जितनी सीटें तय की गई हैं, उसकी तुलना में अधिक आवेदन आए।

वहीं छोटे स्कूलों में आवेदन की संख्या काफी कम रही। यह सिलसिला लगातार चार साल से चला आ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि अधिकांश पालकों का ध्यान सिर्फ बड़े स्कूलों की ओर ही रहता है, जहां सीटों की संख्या सीमित ही रहती है। वहीं छोटे स्कूलों को इग्नोर कर देते हैं, जहां पर्याप्त सीटें होती हैं। इसी वजह से अधिकांश सीटें खाली रह जाती है।

दूसरे चरण की प्रक्रिया में अब निकाली जाएगी लॉटरी

लगातार निजी स्कूलों की संख्या हो रही है कम
जिले में लगातार निजी स्कूलों की संख्या कम हो रही है। वर्ष 2019-20 में जहां जिले में शिक्षा का अधिकार के तहत 569 स्कूलों में सीटें सुरक्षित रखी गई थी। वहीं वर्ष 2020-21 में 27 निजी स्कूलें कम हो गईं। इस वर्ष निजी स्कूलों की संख्या 542 रह गई थी। वर्ष 2021-22 में 6 स्कूल और घट गए। इस दौरान स्कूल 536 रहे। शिक्षा सत्र 2022-23 में 514 स्कूल रह गए हैं। इस बार भी 22 स्कूल कम हो गए।

10,255 आवेदन, 4040 सीटों का हुआ आवंटन शिक्षा सत्र 2022-23 के लिए कुल 514 स्कूलों के 5748 सीटों के लिए आवेदन लिए गए। इसके लिए 10,255 लोगों ने आवेदन किया। इनमें से 3949 आवेदन रद्द कर दिए गए। इस तरह कुल 6306 आवेदन स्वीकृत किए गए। इनकी लॉटरी निकाली गई थी। इसमें 4040 सीटें अलॉट की गई। इनमें से 2969 सीटों पर बच्चों ने प्रवेश ले लिया है। अभी भी 2787 सीटें बची हैं। 12 जून को लॉटरी के दौरान 1708 सीटें बची थीं।

साल दर साल, शिक्षा का अधिकार प्रवेश की स्थिति

कानून के तहत पात्रता व शर्तों को पूरा करना जरूरी

  • बालक गैर सरकारी विद्यालयों के आस-पास के परिक्षेत्र में निवास कर रहा हो।
  • विद्यालय शहरी क्षेत्र नगर निगम, नगर पंचायत, नगरपालिका और ग्रामीण क्षेत्रों में सबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र के हों।
  • प्रवेश में शहरी क्षेत्रों में विद्यालय से संबंधित वार्ड व ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित गांव के छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता दी गई।

दूसरे चरण के तहत होने वाली प्रक्रिया होगी शुरू

  • 1 से 15 जुलाई तक दोबारा आवेदन लिए जाएंगे।
  • 16 से 25 जुलाई तक दस्तावेजों की स्क्रूटनी होगी।
  • 27 जुलाई से 2 अगस्त तक लॉटरी निकाली जाएगी।
  • 3 से 14 अगस्त तक बच्चे स्कूलों में प्रवेश ले सकेंगे।

बड़े स्कूलों की ओर ज्यादा ध्यान, इसलिए बच रही सीटें
इस बार भी आवेदकों की पहली पसंद शकुंतला विद्यालय, शारदा विद्यालय, डीपीएस रिसाली, डीपीएस दुर्ग, केपीएस सुंदर नगर, केपीएस नेहरू नगर, गांधी मेमोरियल स्कूल धमधा, निर्मला रानी स्कूल रहा। यहां सीटों की तुलना में करीब दो गुना से अधिक आवेदन आए। इसकी वजह से यहां आए अधिकांश आवेदन लॉटरी के बाद निरस्त हो गए। वहीं छावनी, भिलाई-3, रिसाली, चरोदा, कुम्हारी के छोटे स्कूलों में ध्यान कम है।

पहले चरण में प्रवेश के लिए बचा है 1 दिन , मिलेगा मौका
शिक्षा का अधिकार के तहत पहले चरण में 30 जून तक अलॉटेड सीटों में प्रवेश दिया जाना है। इसके लिए आज अंतिम दिन है। बचे छात्र इसका लाभ उठा सकते हैं। उनके पास अभी 24 घंटे शेष बचे हैं। इसके बाद खाली सीटें रहीं तो दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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