टेरर फंडिंग का डर दिखा 18 लाख ठगे:BSP कर्मचारी को पॉलिसी सेटल करने का दिया झांसा, फिर ED अधिकारी बनकर की वसूली

भिलाई5 महीने पहले
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बुजुर्ग से लाखों की साइबर ठगी - Dainik Bhaskar
बुजुर्ग से लाखों की साइबर ठगी

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट से रिटायर्ड बुजुर्ग से ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पहले शातिर ठगों ने खुद को वित्त मंत्रालय का अफसर बताकर पॉलिसी सेटल कराने के नाम पर रुपए जमा कराए। फिर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का अधिकारी बनकर आतंकवादी संगठनों में पैसे दिए जाने को लेकर धमकी दी। इससे बचने के लिए फिर किस्तों में रुपए वसूल लिए। जब तक बुजुर्ग को ठगी का अहसास होता, शातिर उनसे 17 लाख 66 हजार रुपए से ज्यादा हड़पे जा चुके थे। मामला भिलाई के निवई थाना क्षेत्र का है।

नेवई पुलिस के मुताबिक 10 शक्ति विहार कालोनी रिसाली निवासी चंद्रभान वर्मा ने पुलिस को बताया कि 5 अक्टूबर 2020 को उसके मोबाइल पर 8954211157 से एक अंजान कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को वित्त मंत्रालय दिल्ली का अधिकारी बताया। वर्मा से कहा कि वह उनके द्वारा साल 2013 में खरीदी गई HDFC इंश्योरेंस कंपनी की दो पालिसी (25000 और 50000 रुपए ) और बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस की चार पालिसी क्रमशः: (15-15 हजार रुपए की दो और 21 व 22 हजार रुपए) की रकम को वापस दिला देगा। उनसे कुछ फॉर्मेलिटीज करने को कहा।

फोन करके पैसे निकालने के लिए बुजुर्ग से 34200 रुपए एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक फरीदाबाद ब्रांच और 23 अक्टूबर 2020 को 78,400 रुपए एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक फरीदाबाद ब्रांच के खाता में जमा कराया। इसके बाद 27 अक्टूबर 2020 को बुजुर्ग के वॉट्सऐप पर वित्त मंत्रालय का पत्र आया। उसमें लिखा था कि 17 लाख 35 हजार 900 रुपए उसके बैंक एकाउंट ट्रांसफर हुए हैं। बुजुर्ग ने अपना अकाउंट चेक नहीं किया।

इसके बाद फिर ठगों ने प्रोसेस के नाम पर रुपए मांगे। इस पर चंद्रभान वर्मा ने 11 नवंबर 2020 को 71,172 रुपए ए.यू. स्मॉल फाइनेंस बैंक फरीदाबाद के खाते में आरटीजीएस किया। इसके बाद उसी दिन जीएसटी बैलेंस के नाम पर 1,38,872 रुपए, 13 नवंबर 2020 को 1 लाख 81,000 एकाउंट फ्रीज होने के कारण जमा करवाया। 26 नवंबर 2020 को 2 लाख 20,017 रुपए फंड रिलीज कराने के लिये, 27 नवंबर 2020 को फिक्स डिपाजिट की रसीद भेजकर फिर से 2 लाख 90,017 रुपए जमा कराया। इस तरह ठगों ने धीरे-धीरे करके बुजुर्ग से 15 लाख 66,000 रुपए ठग लिए।

ईडी का अधिकारी बनकर ठगे दो लाख रुपए

बुजुर्ग ने जब 15 लाख रुपए दे दिया तो उसे ठगे जाने का अहसास हुआ। उसने जब ठग के मोबाइल नंबर 8954211157 पर फोन लगाया तो बंद आया। इसके कुछ महीने बाद 10 मई 2022 को बुजुर्ग के मोबाइल पर 9758208632 से किसी रजनी सैनी का काल आया। उसने अपने आप को DSP प्रर्वतन निदेशालय बताया। इसके बाद महिला ने बुजुर्ग की बात अपने श्रीकांत वर्मा नाम के सीनियर से कराई।

श्रीकांत ने बुजुर्ग को फोन पर धमकी दी उसका भेजा गया पैसा आतंकवादी व आंदोलनकारी गतिविधियों में उपयोग किया गया है। इस आरोप में पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। इससे बुजुर्ग काफी डर गया। उन्होंने बुजुर्ग को डराकर कार्रवाई से बचाने के नाम पर 99,999 रुपए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में ट्रांसफर करवाया। इसके बाद 11 मई 2022 को फिर फोन आया और बोला गया कि आप बुरी तरह फंस गये है। आपके केस में 2 गवाह गवाही दे चुके है। उनको मैनेज करने के लिए 99,999 रुपए गूगल पे करवा लिया। इस तरह ठगों ने बुजुर्ग से कुल 17 लाख 66 हजार719की धोखाधड़ी की।

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