ऑटो-टैक्सी की जांच:125 स्कूल बसों में से 46 में मिली खामियां, 1 जब्त अब ऑटो-टैक्सी के पंजीयन, जीपीएस की भी जांच

भिलाई2 महीने पहले
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ट्रैफिक पुलिस स्कूल के बच्चों की आवाजाही करने वाले ऑटो-टैक्सी की भी जांच करेगी। ऐसे ऑटो की जांच के लिए स्कूलों के बाहर अब ट्रैफिक के जवानों की तैनाती होगी। इनका का पंजीयन करेगी। ऐसे सभी ऑटो-टैक्सियों में पैनिक बटन और जीपीएस की सुविधा अनिवार्य की जाएगी। ताकि पालकों को मोबाइल के जरिए बच्चे से जुड़ी जानकारी मिल सके। इधर रविवार को स्कूल बसों की लगातार दूसरी बार जांच हुई। 16 स्कूल के 125 बसों की जांच की गई। इनमें 46 स्कूल बसों में खामियां मिली। उन्हें 6 दिन में खामियां दूर करके दोबारा बस की जांच करानी होगी।

चालकों के आपराधिक रिकार्ड भी चेक किए जा रहे

यातायात पुलिस स्कूली बच्चों का परिवहन करने वाले ऑटो का न सिर्फ जांच करेगी बल्कि ऑटो चालकों का क्रिमिनल हिस्ट्री भी चेक की जाएगी। ऐसी पृष्ठभूमि वाले चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। ऑटो मालिकों पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी।

पुलिस के मुताबिक न सिर्फ ऑटो बल्कि वैन और मैजिक समेत बाकी वाहन जिसमें बच्चों का परिवाहन किया जा रहा सभी की जांच की जाएगी। जिससे पुलिस और प्रशासन के पास बच्चों का परिवाहन करने वाले सभी वाहनों की संपूर्ण जानकारी रहे।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत जांच
जांच के दौरान वाहन का पंजीयन परमिट, फिटनेस, बीमा, पीयूसी, रोड टैक्स, चालक का लाइसेंस चेक कर उन का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण किया गया। वाहनों का मैकनिकल फिटनेस के तहत हेड लाईट, ब्रेक लाईट, पार्किग लाईट, इंडिकेटर लाईट, बैक लाईट, मीटर, स्टेरिंग की स्थिति, टायर की स्थिति, क्लच, ऐक्सीलेटर, सीट, हॉर्न, वॉयपर एवं वाहन में आगे पीछे रिफ्लेक्टर की जांच की गई। जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीडगर्वनर, प्रेशर हार्न, आपातकालीन खिड़की, स्कूल का नाम, नंबर, चालक का मोबाइल नंबर आदि भी जांची गई।

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