मेडिकल में एडमिशन शुरू:पहले चरण में सामान्य में 533, ओबीसी में 531 अंक पाने वाले छात्र पात्र

भिलाई22 दिन पहले
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नीट में मिले अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को प्रावीण्य सूची में स्थान दिया गया है। - Dainik Bhaskar
नीट में मिले अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को प्रावीण्य सूची में स्थान दिया गया है।

मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने छात्र-छात्राओं‌ की प्रावीण्य सूची 3 दिन पहले जारी कर दी गई है। सूची में 3470 विद्यार्थियों के नाम हैं। नीट में मिले अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को प्रावीण्य सूची में स्थान दिया गया है। इसमें राज्य में संचालित 9 सरकारी और 3 निजी मेडिकल कॉलेजों की 1570 और डेंटल कॉलेजों की 600 सीट शामिल हैं। सूची की शुरुआत नीट के 720 अंकों में से 685 अंक हासिल करने वाले छात्र से हुई तो आखिरी नाम 95 अंक वाले छात्र का है।

पहली सूची के अनुसार मेडिकल की सीटों में कट ऑफ मार्क्स सामान्य वर्ग से जहां 533 है तो ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) में 490, ओबीसी में 531, एसटी में 422 और एससी में 332 अंक तक है। इनका राज्य में संचालित शासकीय और निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश होना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं जिन छात्रों को सीट अपग्रेड करना है, वह दूसरे चरण की काउंसिलिंग में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें पहली अलाट हुई सीट को रद्द करना होगा।

सामान्य में 180 और ओबीसी में 169 अंक तक वालों के नाम लेकिन एडमिशन के लिए बुलावा नहीं भेजा
जारी सूची में प्रवेश की न्यूनतम अर्हता को ध्यान में रखा गया है। इसके अनुसार प्रवेश के लिए सामान्य में 50 परसेंटाइल, एसटी, एससी व ओबीसी के लिए 40 परसेंटाइल का होना अनिवार्य है। इसका पालन करते हुए छात्रों को सूची में स्थान दिया गया है। इसकी वजह से सूची में सामान्य वर्ग से 180 अंक तक, ओबीसी के 169 तक, आर्थिक रूप से कमजोर के 124 तक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के 95-95 अंक वाले शामिल हैं। इस प्रकार इन छात्रों के नाम सूची में शामिल जरूर किए गए हैं, लेकिन बुलावा नहीं भेजा गया है। न ही इस पर किसी प्रकार का निर्णय लिया गया है। आगामी दिनों में इन पर निर्णय लिया जाना है।

9 नवंबर तक आवंटित सीटों में छात्रों को लेना होगा प्रवेश
जिन छात्रों का जिस मेडिकल कॉलेज की सीटें अलॉट की गई हैं, उन्हें वहां 10वीं, 12वीं और नीट की अंकसूची, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, पंजीयन की शुल्क जमा करने की पावती समेत प्रवेश से संबंधित सभी दस्तावेज लेकर उपस्थित होना होगा। 9 नवंबर को शाम 4.30 तक छात्र प्रवेश ले सकेंगे। इसके बाद भी मेडिकल और डेंटल की सीटें खाली रह जाएंगी तो दूसरे चरण की काउंसिलिंग होगी। इसके लिए आवेदन मंगाए जाएंगे।

दूसरे चरण की काउंसिलिंग होगी 10 नवंबर से होगी
पहले चरण की काउंसिलिंग के बाद भी सीटें खाली रह जाती हैं तो दूसरे चरण की काउंसिलिंग 10 नवंबर को शाम 4.30 से शुरू होगी। उम्मीदवारों से ऑनलाइन ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। सीट अपग्रेडेशन के लिए नया आवेदन नहीं लिया जाएगा, बल्कि पहले से मिले ऑनलाइन आवेदन से ही उसे मान्य किया जाएगा। नियमानुसार सीट अपग्रेडेशन के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। उम्मीदवारों को डीएमई ने इससे संबंधित जानकारियां दी गई हैं।

निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज के लिए समिति
राज्य में संचालित निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज की सीटों में प्रवेश के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा के मार्गदर्शन में समिति बनाई गई है। समिति के सदस्य ही निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवारों के सारे दस्तावेजों की जांच करेंगे और प्रवेश के नियम तथा पात्रता के अनुसार उम्मीदवारों से वांछित महाविद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया पूर्णा कराएंगे। निजी में पंजीयन शुल्क सभी वर्गों के लिए एक-एक लाख रुपए रखे गए हैं।

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