मुख्य सचिव शॉपिंग करने भिलाई पहुंचे:सी-मार्ट से की 1683 रुपए की खरीदी; डिजीटल फीडबैक का दिया सुझाव

भिलाई15 दिन पहले
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सी-मार्ट को देखते मुख्य सचिव व अन्य अधिकारी - Dainik Bhaskar
सी-मार्ट को देखते मुख्य सचिव व अन्य अधिकारी

छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सी-मार्ट के प्रोडक्ट की क्वालिटी राजधानी के लोगों को अपने यहां तक खींच ला रही है। मुख्य सचिव अमिताभ जैन खुद 40 किलोमीटर दूर शॉपिंग करने भिलाई आ गए। उन्होंने सी-मार्ट को देखा, वहां के प्रोडक्ट की क्वालिटी और व्यवस्था को सराहा। इसके बाद वहां से 1683 रुपए की खरीदी की। इसके बाद उन्होंने अपने कार्ड से उसका ऑनलाइन पेमेंट भी किया।

मुख्य सचिव ने कहा प्रोडक्ट्स को सही तरीके से डिस्प्ले करना तो कई जगह देखने को मिलता है। सी-मार्ट में डिस्प्ले के साथ-साथ प्रोडक्ट के बनाने की प्रक्रिया की फोटो को भी लगाया गया है। यह पहली बार और एक नया कांसेप्ट है। इस दौरान प्रोडक्ट को बनाने वाली स्व सहायता समूह की महिलाएं भी वहां मौजूद रहीं।

उन्होंने मुख्य सचिव को बताया कि वह उत्पाद को पूरे हाइजीन तरीके से तैयार करते हैं। इसीलिए इसके बनाने की फोटो को भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि यहां बस्तर का शहद मिलता है। इसकी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से जैविक है और विशेष प्रजाति की मधुमक्खियों के द्वारा निर्मित होता है। इसके कारण यह शहद औषधीय दृष्टि से बहुत उपयोगी होता है।

मुख्य सचिव ने डिजिटल मोड से किया खरीदी का पेमेंट
मुख्य सचिव ने डिजिटल मोड से किया खरीदी का पेमेंट

डिजिटल फीडबैक लेने का दिया सुझाव
मुख्य सचिव ने इस दौरान सुझाव दिया कि उन्हें उपभोक्ताओं से फीडबैक लेने के लिए डिजिटल मोड में जाना चाहिए। विजिटर रजिस्टर में लिखने की प्रथा काफी पुरानी हो गई। अब किसी के पास इतना टाइम नहीं है कि वह रजिस्टर में फीडबैक लिखता रहे। इसलिए वॉट्सऐप के माध्यम से फीडबैक लें तो बेहतर होगा। इसमें आपको फीडबैक तुरंत प्राप्त भी होंगे और आप इसे तुरंत अमल में भी ला सकते हैं।

मुख्य सचिव ने सी-मार्ट की व्यवस्था को सराहा
मुख्य सचिव ने सी-मार्ट की व्यवस्था को सराहा

हर प्रोडक्टर का डिस्प्ले करने जरूरी
मुख्य सचिव ने कहा कि सीमार्ट में बिकने वाले हर प्रोडक्टर का डिस्प्ले किया जाना चाहिए। इसके साथ उसकी उपयोगिता भी बतानी चाहिए। जैसे दोना पत्तल बेचने के लिए उसका डिस्प्ले लगाएं। उसके साथ ही यह बताएं कि किस तरह से प्लास्टिक प्रदूषण को बढ़ा रहा है। वहीं दोना पत्तल से प्रकृति को कोई नुकसान नहीं है।

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