वन्यप्राणी बोर्ड की मीटिंग के इंतजार में फंसा प्रोजेक्ट:रायपुर-नागपुर तीसरी लाइन का काम सिर्फ 250 मीटर पहाड़ी काटने में अटका

भिलाई4 महीने पहले
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दुर्ग के नागपुर मेन लेन में 86 किमी दूर दर्रेकसा और यहां से 11.20 किमी पर सालेकसा स्टेशन है - Dainik Bhaskar
दुर्ग के नागपुर मेन लेन में 86 किमी दूर दर्रेकसा और यहां से 11.20 किमी पर सालेकसा स्टेशन है

दुर्ग के नागपुर मेन लेन में 86 किमी दूर दर्रेकसा और यहां से 11.20 किमी पर सालेकसा स्टेशन है। दोनों स्टेशन के बीच पहाड़ी को काटकर तीसरी लाइन बिछाई जानी है, ताकि यहां 15 मीटर ऊंचाई पर 10 मीटर चौड़ी टनल बन सके। सिर्फ 250 मीटर का काम फारेस्ट क्लीयरेंस नहीं मिलने से रुका है।

यह इसलिए नहीं मिल पाया क्योंकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ (एनवीडब्ल्यूएफ) और स्टेट बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ (एसवीडब्ल्यूएफ) से अनुमति मांगी है। यही रुकी है क्योंकि इस साल दोनों की बैठक ही नहीं हुई।

भास्कर टीम को अफसरों ने बताया कि सालेकसा की ओर 7.50 किमी ट्रैक बिछ गया है। इस लाइन पर नागपुर से तिरोड़ा, तुमसर और भंडारा रोड तक 68 किमी पटरी बिछ गई है। केवल यही 250 मीटर का पैच बन जाए तो दुर्ग से भंडारा तक 102 किमी तीसरी लाइन मिल जाएगी।

दिक्कत: इधर टनल, उधर खाई
पटरी बिछाने के लिए यहां पहाड़ी इसलिए काटनी होगी क्योंकि विस्फोट से 100 साल पुरानी टनल में दरार आ रही है। पहाड़ी काटने से सैकड़ों पेड़ कटेंगे, लेकिन जगह बदली तो हाजरा प्रपात की खाई आ जाएगी। इसीलिए अफसरों का कहना है कि कटिंग मेथड ही कारगर होगा।

अभी एनवीडब्ल्यूएफ और एसवीडब्ल्यूएफ का क्लीयरेंस नहीं मिला, इसलिए काम रुका है।
साकेत रंजन, सीपीआरओ-एसईसीआर

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