लेटलतीफी का आलम:डीयू की शिफ्टिंग 1 साल पहले ही हो जानी थी, अभी 66% काम ही हुए पूरे

भिलाईएक महीने पहले
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हेमचंद विश्वविद्यालय की निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम जारी। - Dainik Bhaskar
हेमचंद विश्वविद्यालय की निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम जारी।

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के नए भवन का काम मई 2021 में पूरा होना था लेकिन अभी तक चौथे फ्लोर का काम शुरू नहीं हुआ है। लिफ्ट नहीं लगा है। इंटीरियर डेकोरेशन का काम अधूरा है। कॉन्फ्रेंस हाल, कुलपति कक्ष, कुलपति सचिवालय, पीए के बैठने का स्थान, कुलसचिव के कक्ष की स्थिति, फीस काउंटर समेत अन्य कार्य अभी तक बचे हैं। नए भवन का अभी तक 66 फीसदी काम ही हो पाया है।

बुधवार को विश्वविद्यालय के अधिकारियों की टीम ने निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। अफसरों ने ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर और सेकंड फ्लोर समेत विवि के मुख्यद्वार का निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने देखा कि अभी तक फाल सीलिंग का काम पूरा नहीं हो पाया है, जहां काम पूरा हो गया है, वहां से अभी तक मलबा नहीं हटा है। मुख्यद्वार के सामने की जमीन अभी तक असमतल पड़ी है।

कुलपति और पीडब्ल्यूडी अफसरों की होगी बैठक
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि नए भवन के काम की प्रगति को लेकर आने वाले दिनों में कुलपति डॉ. अरुणा पल्टा और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी। इसके लिए अफसरों को विवि के ओर से चिट्ठी लिखी जा रही है, ताकि भवन निर्माण की पूर्णता और शिफ्टिंग आदि की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श किया जा सके। अफसरों और कर्मचारियों की बैठक व्यवस्था भी दुरुस्त करने के साथ शोध के कार्य भी होंगे।

काउंटर की संख्या बढ़ गई व पार्किंग सुधारने निर्देश
नए भवन में छात्रों को शुल्क जमा करने, पात्रता प्रमाण पत्र बनवाने, पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन, माइग्रेशन प्रमाण पत्र, अंकसूची लेने, डिग्री, पीएचडी आदि के लिए अलग-अलग काउंटर की जरूरत होती है। यहां सिर्फ तीन काउंटर ही बनाए थे। इसकी संख्या बढ़ाने को कहा गया, ताकि छात्रों को आवेदन देने और शुल्क जमा करने में आसानी हो। वाहनों की पार्किंग व्यवस्था भी दुरूस्त करने को कहा गया, ताकि गाड़ी व्यवस्थित रखें।

बिजली के लिए विवि में लगाएंगे सोलर प्लांट
नए भवन को रोशन करने के लिए सोलर प्लांट लगाने पर भी अफसरों ने विचार-विमर्श किया। साथ ही यहां एक ट्रांसफार्मर भी लगाया जाएगा, ताकि भवन में बिजली व्यवस्था सुचारू रूप से हर समय होता रहे। इससे पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता भी कम होगी। इंटरनेट और कंप्यूटर का काम बिना प्रभावित हुए निरंतर चलता रहेगा। कोरोना संक्रमण की वजह से यहां काम प्रभावित हुआ है। पहले यहां बारिश का पानी भर गया था, बाद में श्रमिक नहीं मिले।

जल्द कार्य को पूरा किया जाएगा, नींव ने कराई देरी
नींव और ग्रेनाइट के काम में ज्यादा समय लगा। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द काम पूरा किया जाए। उम्मीद है कि यूनिवर्सिटी के प्रशासकीय कार्य नए सत्र से नए भवन में शुरु हो जाएंगे। -ए. हसन, निर्माण अधीक्षक, पीडब्ल्यूडी

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