छत्तीसगढ़ में धर्मसभा पर भड़के ग्रामीण:कहा-'ईसाई मिशनरीज को घुसने नहीं देंगे, हमारे भाई-बंधुओं को वापस अपने धर्म में लाओ'

गरियाबंद4 महीने पहले

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में धर्मांतरण को लेकर हंगामा हो गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण एकत्र होकर सड़क पर निकल आए। उन्होंने कहा कि हमारे भाई-बंधु खुद का धर्म छोड़कर ईसाई धर्म को अपना रहे हैं। इससे हमारी संस्कृति खतरे में है। ग्रामीणों ने बाहर से आए लोगों का विरोध शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ने की सूचना मिलने पर SDM सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने धर्मांतरण नहीं रुकने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

दरअसल राजिम के गांव कौंदकेरा में हर रविवार ईसाई समाज की ओर से प्रार्थना सभा होती है। उसमें बाहरी लोग आते हैं। गांव वाले इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि हम एक ही माता-पिता के बच्चे हैं, लेकिन अब हम भाइयों का धर्म बदल गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे धर्म में गए हमारे अपनों को वापस अपने धर्म में लाना है। इस दौरान प्रार्थना के लिए पहुंचे लोगों का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। इसकी सूचना SDM अविनाश भोई को दी गई।

मकान में धर्म सभा के आयोजन का पता चलने के बाद एकत्र ग्रामीण।
मकान में धर्म सभा के आयोजन का पता चलने के बाद एकत्र ग्रामीण।

माहौल बिगड़ने की सूचना पर पहुंची पुलिस फोर्स

गांव में माहौल बिगड़ने की खबर अफसरों तक पहुंची तो राजिम थाना पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गई। वहीं नायब तहसीलदार रमाकांत केवार्थ भी पहुंच गए। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए उन्होंने प्रार्थना सभा करा रहे कांकेर निवासी संतोष कुमार मरकाम ​​​​​​को गांव में बाहर से किसी भी ईसाई मिशनरी के सदस्य को नहीं बुलाने की बात कही। ग्रामीणों का कहना है कि आवास गुजर-बसर के लिए दिया था, लेकिन बाहर से आए लोग कुछ साल बाद बेचकर चले जाते हैं।

नहीं रुका धर्मांतरण तो गरियाबंद में करेंगे आंदोलन

लामबंद हुए इन ग्रामीणों ने साफ कह दिया है कि गांव-गांव में लगातार धर्मांतरण हो रहा है। यदि अब धर्मांतरण नहीं रुका, तो गरियाबंद जिला मुख्यालय में वे उग्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति को बचाने के लिए वे हर कदम उठाएंगे। ग्रामीणों ने इलाके में सोशल मीडिया के माध्यम से धर्मांतरण नहीं करने की बात लिखी हुई है। साथ ही ईसाई मिशनरियों को गांव में घुसने के लिए साफ मना किया गया है।

ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन बंद नहीं होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।
ग्रामीणों ने धर्म परिवर्तन बंद नहीं होने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

समझ गए तो हमारे, नहीं समझे तो होंगे विदेशी

कुछ ग्रामीणों ने कहा कि धर्म परिवर्तन किए ग्रामीणों को हम अपने धर्म में लाने के लिए हर तरह का प्रयास कर रहे हैं। यदि वे समझ जाते हैं तो हमारे होंगे, नहीं समझते हैं तो हमारे लिए वे विदेशी होंगे। धर्म परिवर्तन किया कोई भी व्यक्ति अगर अपने मूल धर्म में वापस आना चाहेगा, तो उसे एक नारियल देकर वापस लाया जाएगा।

सरपंच गणेश डहरिया, हीरा लाल साहू, अनिल मंडल, परस साहू, मकसूदन साहू, सुभाष शर्मा, कोमल घोघरे, कामता परमार, बल्लू साहू, राजेश यादव, ऋषभ साहू, नेमीचंद साहू, दीपक साहू, चंदन निषाद, राहुल साहू, विष्णु निषाद, बीजे निर्मलकर, भानु निर्मलकर, बिहारी निर्मलकर मौके पर मौजूद रहे।