घोटाला:धान घोटाले पर कलेक्टर ने कहा- 3 दिन में एफआईआर करें

पलारीएक महीने पहले
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खरीदी केंद्र सलौनी में धान खरीदी में हुई 40 लाख की गड़बड़ी और 15 लाख से अधिक का बारदाना घपले का खुलासा होने पर कलेक्टर डोमन सिंह ने गड़बड़ी करने वाले 5 लोगों के खिलाफ गुरुवार देर शाम पुलिस थाना पलारी में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जिला खाद्य अधिकारी को दिए हैं।

भास्कर ने शुक्रवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके पहले 28 मार्च को भी पूरे जिले में 3 करोड़ के धान के गोलमाल का मुद्दा प्रकाशित किया गया था। जिला खाद्य अधिकारी विमल दुबे ने बताया कि कलेक्टर के आदेश के बाद सलौनी खरीदी केंद्र में गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदार 5 लोगों के खिलाफ पलारी थाने में मामला दर्ज करने का आदेश शाखा प्रबंधक को दे दिया है जो 3 दिवस के अंदर मामला दर्ज कर उच्च कार्यालय को जानकारी देंगे। उन्हें इस बाबत निर्देशित कर दिया गया है।

28 मार्च को 3 करोड़ का घोटाला उजागर कर दिया था

28 मार्च को करीब 3 करोड़ के धान की कमी खरीदी केंद्रों में होने की ख़बर प्रकाशित करने के बाद विभाग के लोगों के कान खड़े हो गए थे। उसके बाद विभाग द्वारा सभी खरीदी केंद्रों जहां धान की कमी पाई गई वहां के समिति प्रबंधकों और खरीदी प्रभारियों को कमी को तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। सभी संबंधित लोगों ने इसकी भरपाई बाज़ार से धान खरीदकर कर दी थी सलौनी खरीदी केंद्र में ऐसा नहीं किया गया।

29 अप्रैल को खरीदी केंद्र की जांच के लिए टीम बनाई गई जिसमें राजस्व, सहकारिता बैंक, खाद्य अधिकारी ने जांच के बाद वहां 1606.71 क्विंटल धान और 9932 नग बारदानों की कमी मिली थी जिसकी कीमत 45 लाख आंकी गई थी। इस राशि की भरपाई का दबाव अधिकारी बनाते रहे पर उन्हें सफलता नहीं मिली। भास्कर में खबर छपने के बाद दोषियों पर कार्रवाई का आदेश जरूर निकल गया ।

इन 5 के खिलाफ मामला दर्ज होगा

इस पूरे घोटाले के लिए 5 लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसमें समिति प्रबंधक राजेन्द्र कुमार ठाकुर, फड़ प्रभारी व कम्प्यूटर ऑपरेटर संजय नेताम, मुकर्दम उमाशंकर बंजारे, पंजी साधक प्रवीण कुमार डहरिया व बारदाना प्रभारी राहुल ठाकुर के खिलाफ पलारी थाना में 3 दिन के अंदर शाखा प्रबंधक भारतलाल साहू को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है।

पूर्व के घोटाले में अब तक अपराध दर्ज नहीं हुआ

ज्ञात हो कि सलौनी सीतापार केंद्र में 2018-19 में 58 लाख की धान खरीदी में गड़बड़ी मिली थी जिस पर आज तक अपराध दर्ज नहीं हुआ है और न ही वसूली हुई है। इसी वजह से वर्तमान में कर्मचारियों का हौसले बुलंद हैं और इसी कारण फर्जी खरीदी की जा रही है।

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