प्रशासनिक कार्रवाई:चांपा स्टेशन के सामने ट्रैफिक की टेंशन दूर, 40 साल पुरानी 65 दुकानें तोड़ी, चौड़ी होगी सड़क

चांपा3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जेसीबी से तोड़ने के बाद पड़ा मलबा - Dainik Bhaskar
जेसीबी से तोड़ने के बाद पड़ा मलबा

रेलवे स्टेशन चांपा के करीब 40 वर्षों से लगातार शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर दुकान चला रहे 65 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ रेलवे व जिला प्रशासन ने मिलकर कार्रवाई की। शनिवार को कलेक्टर और एसपी के विशेष प्रयास से अतिक्रमण शांतिपूर्ण ढंग से हटा दिया गया। सुबह 8 बजे रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी व टीम जेसीबी लेकर स्टेशन पहुंचे। प्रशासन ने पहले अतिक्रमणकारियों को सामान निकालने के लिए समय दिया। इसके बाद एक-एक कर सभी 65 दुकानों को जेसीबी से तोड़कर अतिक्रमणमुक्त कराया।

जांजगीर-चांपा व कोरबा जिला प्रमुख स्टेशन होने के कारण यहां पूरे दिन भी ट्रेनें के सफर करने वालों की आवाजाही लगी रहती है, लेकिन स्टेशन के बाहर अतिक्रमणकारियों के कारण जाम लगता था। पहले कई बार दुकानदारों को यहां से हटने फरमान जारी किया जाता रहा, लेकिन हर बार मामला टलता रहा। यातायात व्यवस्था बिगड़ने की शिकायत मिलने पर कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला व एसपी विजय अग्रवाल ने रेलवे के अधिकारियों से समन्वय बनाकर बैठक ली और अतिक्रमण हटाने का फैसला लिया।

उनकी पहल पर 21 मई को बेजाकब्जा हटाने की रणनीति बनी। सामान शिफ्ट करने का मौका देते हुए एसडीएम ने सभी 65 दुकानदारों को कब्जा हटाने का नोटिस जारी किया और 20 मई तक दुकान खाली करने कहा। टाइम लिमिट खत्म होने पर शनिवार की सुबह 8 बजे रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी व पुलिस के जवान बड़ी संख्या में पहुंचे, इसके बाद सभी दुकानदारों को अपना सामान सुरक्षित निकालने के लिए कुछ समय दिया, फिर ओवरब्रिज के पास से जेसीबी से दुकानों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई।

दो जेसीबी के माध्यम से सभी 65 दुकानों को हटा दी। प्रशासनिक व्यवस्था को देखते हुए अधिकांश दुकानदारों ने स्वयं ही दुकान ख़ाली कर दी। नगर पालिका के जेसीबी ने सभी दुकानों को तोड़कर खाली परिसर को समतल बना दिया और मलबे को भी वहां से हटाया जा रहा है। इस अभियान में मौके पर चांपा एसडीओपी पद्मश्री तंवर, एसडीएम श्रीमती अंचला, तहसीलादार चंद्रशीला जायसवाल टीआई मनीष परिहार, सीएमओ प्रहलाद पाण्डे नायब तहसीलदार प्रियंका चन्द्रा, रेलवे के अधिकारी सहित आरपीएफ, जीआरपी के सभी अधिकारी जवान उपस्थित थे।

दुकानदार बोले-होगा परिवार प्रभावित

इधर, बीते 4 दशक से संचालित दुकानों को हटाने के बाद दुकानदारों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि ये सही है कि जहां वो दुकान लगा रहे हैं, वो रेलवे की भूमि है, लेकिन बीते पांच दशक से दुकान संचालित कर रहे हैं। इन दुकानों के दम पर ही उनके परिवार का भरण पोषण किया जाता था। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें पुर्नस्थापित किए बेदखल किए जाने से उनके सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई है। इन्हें पौनी पसारी योजना में बन रही दुकानों को आवंटित करने की बात कही जा रही है।

जनप्रतिधि रहे नदारत

चांपा रेलवे स्टेशन में पिछले कई सालों से अवैध पार्किंग और अतिक्रमणकारियों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है, हालांकि पिछले कई सालों से जिला प्रशासन व रेलवे अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई करने की रणनीति तैयार उन्हें नोटिस भी जारी किया , लेकिन हर बार राजनीति दखल के कारण कार्रवाई रूक जाती थी, लेकिन इस बार प्रशासन के कड़े रुख को देखते हुए कार्रवाई के दौरान जनप्रतिनिधि भी नदारत रहें। कार्रवाई के दौरान कोई भी जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचे।

संचालकों ने जगह देने की रखी मांग

दुकान संचालकों का कहना है कि दो वर्षों से कोरोना की मार झेलनी पड़ी है। कोराेना काल के दौरान उधार लेकर जीवन यापन करना पड़ा था। वहीं अब अब प्रशासन दुकान की व्यवस्था किए बिना ही यहां हटा दिया गया, जो गलत है। उन्होंने कहना है कि नगर पालिका द्वारा बनाए पौनी पसारी के योजना में जो दुकानें बनाई जा रही है। उसी को एलाट किया जाए। उन्होंने बताया की यहां दुकान चलने का एक प्रमुख कारण स्टेशन था, जहां दिनभर लोगों का आना जाना लगा रहता था और अभी जहां पौनी पसारी बनी है, वहां ऐसी स्थति नहीं है।

यात्रियों को तय करनी पड़ी लंबी दूरी

अतिक्रमण हटाने के लिए शनिवार की सुबह से जिला प्रशासन, रेलवे और पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात रही। स्टेशन के सामने अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा था, उस दौरान स्टेशन आने जाने वालों को पीडब्लूडी ऑफिस के पास रोक दिया गया, जिसके कारण उन्हें भीषण गर्मी में भी अपने छोटे बच्चों व सामानों को ढोकर स्टेशन तक पहुंचना पड़ा। साथ ही कोरबा व बिर्रा रोड की ओर जाने वाले बाइक चालकों को भी कई किलोमीटर घुमकर जाना पड़ा।

स्टेशन के सामने अतिक्रमण थी बाधा
चांपा स्टेशन के सामने का अतिक्रमण शहर की बहुत बड़ी और लंबे समय की समस्या थी। इससे व्यवस्था बिगड़ रही थी, शहर को व्यवस्थित करने के लिए अतिक्रमण हटाना जरूरी था। रेलवे के अधिकारियों से समन्वय बनाकर अतिक्रमण हटाया गया है।
जितेंद्र शुक्ला, कलेक्टर, जांजगीर चांपा

खबरें और भी हैं...