बोरवेल में गिरे मासूम का रेस्क्यू:चट्टान आने से टनल का कार्य रुका; सुबह 5 बजे 2 केला और फ्रूटी खाकर सो रहा है राहुल

जांजगीर-चांपा8 महीने पहले

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में फंसे हुए 10 साल के राहुल को करीब 60 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं। राहुल 60 फीट से भी नीचे गड्‌ढे में फंसा हुआ है। रोबोटिक्स तरीका फेल हो जाने के बाद टनल के सहारे बाहर निकालने का प्लान बनाया गया है। टनल की राह में एक बड़ी चट्टान आ गई है। हैंड ड्रिलिंग मशीन से चट्टान को तोड़ा काटा जा रहा है। कलेक्टर ने इससे बड़ी मशीन मंगाई है। ज्यादा बड़ी मशीन का उपयोग यहां करने से आसपास कम्पन की संभावना बढ़ जाएगी। जो कि राहुल के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए सूझबूझ और एक्सपर्ट के बीच चर्चा करके ही कोई फैसला लिया जा रहा है।

बच्चे को रेस्क्यू कर बाहर लाने को लेकर प्रशासन तैयारियों में लग गया है। राहुल अभी सो रहा है। सुबह 5 बजे 2 केला और फ्रूटी दिया गया था। उसने केला भी खाया और फ्रूटी भी पी थी। कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला ने मौके पर ऑक्सीजन, विद्युत व्यवस्था, लाइटिंग, कंप्रेशर मशीन, एक्सपर्ट, मेडिकल स्टाफ के साथ सभी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। बच्चे को बाहर निकालने को लेकर कागज पर भी प्लान डिजाइन किया गया है। ऑपरेशन स्थल के आसपास के 25 मीटर एरिया को नो गो जोन बनाया जाएगा। ऑपरेशन के लिए केवल अधिकृत लोग ही वहां रहेंगे।

टनल बनाने के लिए मिट्‌टी हटाने को लेकर चिह्नांकन किया गया।
टनल बनाने के लिए मिट्‌टी हटाने को लेकर चिह्नांकन किया गया।

फिलहाल टनल के लिए चिह्नांकन किया जा रहा है। करीब 60 फीट नीचे JCB को उतार कर सुरंग बनाने वाली जगह के आसपास से मिट्‌टी हटाई जाएगी। बताया गया है कि रेस्क्यू स्टेशन से गहराई की ली गई नाप के अनुसार, 61.5 फीट खुदाई हो चुकी है। 9 मीटर की टनल बनाई जाएगी। टनल के लिए करीब 20 फीट लंबा पाइप तैयार है। काम शुरू होने के बाद उसे नीचे उतारा जाएगा। SECL की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम भी पहुंची हुई है।

गुजरात से रोबोटिक्स इंजीनियर को बुलाया
राहुल को बचाने के लिए गुजरात से रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर को बुलाया गया है। उन्होंने रोबोट के जरिए राहुल को बाहर निकालने का प्रयास किया, पर कीचड़ और पानी के चलते सफल नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि अभी तक महेश ने जिन बच्चों को रोबोट के जरिए रेस्क्यू किया है, उनमें सभी की उम्र 3 से 5 साल के बीच थी। ऐसे में 10 साल का राहुल बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।

टनल के लिए 20 फीट का पाइप मंगाया गया है।
टनल के लिए 20 फीट का पाइप मंगाया गया है।

SECL की सबसे बड़ी रेस्क्यू टीम पहुंची
राहुल के लिए प्रशासन के निर्देश पर अब SECL की कुसमुंडा, मानिकपुर और मनेंद्रगढ़ से भी रेस्क्यू टीम भी पहुंची है। इसे SECL की सबसे बड़ी रेस्क्यू टीम बताया जा रहा है। यह टीम अंडरग्राउंड खदान में अचानक होने वाली दुर्घटनाओं के समय राहत और बचाव करती है। वह अपने साथ कई तरह के उपकरण लेकर आई है। ऑफिसर इंचार्ज जीपी शुक्ला के नेतृत्व में 10 सदस्य इस टीम में हैं। यह टीम खदान में अचानक ऊपर की छत को धंसने से बचाने, गैस रिसाव को रोकने जैसे कार्य करती है।

जिला प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित उनकी टीम मौजूद है। मौके पर ऑक्सीजन सिलेंडरों की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा दो एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड भी मौजूद है। वहीं अतिरिक्त JCB, पोकलेन, हाइवा भी मंगाए गए हैं। कोरबा और झारखंड से भी खदान एक्सपर्ट और कई मशीनें ड्रिल और अन्य कार्य के लिए मंगाई गई है। बताया जा रहा है कि अब टनल ही बच्चे को निकालने का एकमात्र सहारा बचा है।

अभी तक खोदे गए गड्‌ढे की नाप की जा रही है। उसके हिसाब से टनल बनाई जाएगी।
अभी तक खोदे गए गड्‌ढे की नाप की जा रही है। उसके हिसाब से टनल बनाई जाएगी।

राहुल दिखा रहा है हिम्मत
बोरवेल में फंसा राहुल अपनी ओर से लगातार हिम्मत दिखा रहा है। दीवारों से रिस रहा पानी बोरवेल के अंदर भर गया। उसे निकालने के लिए जवानों ने बाल्टी डाली तो राहुल ने खुद ही पानी निकालने में मदद की। हालांकि, बच्चे की मानसिक स्थिति को देखते हुए भी बाहर निकालने में परेशानी हो रही है। राहुल बोल और सुन भी नहीं सकता है। परिजनों का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं है। बताया जा रहा है कि राहुल 30 मिनट के लिए सो गया था। उठने के बाद उसे केला खाने के लिए दिया।

रोबोट में बदलाव किए गए, पर फायदा नहीं हुआ
बच्चे को बचाने के लिए गुजरात से रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर मौके पर पहुंचे हैं। महेश ने अपने लैपटॉप से रोबोट को कंट्रोल कर नीचे उतारा, लेकिन उसे फिर बाहर निकाल लिया गया। रोबोट से मिली जानकारी के हिसाब से बदलाव किया जा रहा है। कुछ सामान की खरीदारी के लिए बाजार भेजा गया था। इसके बाद फिर से रोबोट को अंदर डालने का प्रयास किया गया, पर सफल नहीं हो सका।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल के परिजनों ने वीडियो कॉल पर बात की।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल के परिजनों ने वीडियो कॉल पर बात की।

वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कलेक्टर जितेंद्र और राहुल के परिजनों से वीडियो कॉल पर बात की। मुख्यमंत्री ने राहुल की दादी श्यामा बाई को भरोसा दिलाया है कि जल्द ही उनके बच्चे को सकुशल निकाल लिया जाएगा। CM ने कहा, 'तोर नाती ला निकाल लेबो।'

गुजरात के रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर ने बच्चे को निकालने के लिए बोर में रोबोट उतारा।
गुजरात के रोबोटिक्स इंजीनियर महेश अहीर ने बच्चे को निकालने के लिए बोर में रोबोट उतारा।

पिहरीद गांव का राहुल अपने घर के पीछे खेलते समय राहुल शुक्रवार दोपहर को बोरवेल के गड्ढे में गिर गया था। तब से उसे बचाने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन, सेना और NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चला रखा है। इसमें चट्‌टानों के चलते खुदाई पर असर पड़ा है। रविवार सुबह बच्चे में हलचल दिखाई दी है। इसके बाद उस तक खाने की सामग्री पहुंचाई गई है। उसे केला और जूस दिया गया है। आसपास के एरिया को लोहे की रॉड लगाकर सील कर दिया गया है।​​

रेस्क्यू टीम बोरवेल में रिस रहे पानी को निकालने के काम में लगातार जुटी हुई है।
रेस्क्यू टीम बोरवेल में रिस रहे पानी को निकालने के काम में लगातार जुटी हुई है।

अब तक 60 फीट से ज्यादा खुदाई की गई
इससे पहले NDRF ने बोरवेल के ठीक बगल में 60 फीट से ज्यादा की खुदाई की है। अब 5 फीट की खुदाई के बाद टनल बनाने का काम शुरू किया जाना था। हालांकि इस खुदाई में एक चट्‌टान बड़ी बाधा बन गई है। इसके कारण टनल बनाने में देरी हो रही है। मौके पर मौजूद मशीनरी पूरी नहीं पड़ रही है। इसे देखते हुए बड़े रॉक ब्रेकर मंगाए गए हैं। गड्ढे में फंसे बच्चे को नुकसान न हो, इसके लिए खुदाई का काम मैन्युअली किया जा रहा है। स्थिति ठीक होने पर JCB की मदद ली जाएगी। इसके कारण समय लग रहा है।

नीचे पत्थर और गड्‌ढे का मुंह चौड़ा होने से राहत
बताया जा रहा है कि बोरवेल के लिए खोदे गए गड्‌ढे का मुंह जरूर छोटा है, लेकिन अंदर से वह चौड़ा हो गया है। वहीं नीचे पत्थर भी लगे हैं। इसके कारण राहुल उसमें अटका हुआ है। संभवत: उसे काफी चोटें भी आई होंगी। इसके बाद भी उसने हिम्मत बांधी हुई है। NDRF की टीम अभी तक उस गड्‌ढे के बगल में 60 फीट की खुदाई और कर चुकी है। इसमें 3 JCB को नीचे उतारा गया है। देर रात से सुबह तक 10 फीट गड्‌ढे को और चौड़ा किया गया है।

माइनिंग इंजीनियर टनल खोदने से पहले जमीन की स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
माइनिंग इंजीनियर टनल खोदने से पहले जमीन की स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

इनकी मदद से राहुल को बचाने का प्रयास
राहुल को सुरक्षित निकालने के लिए सेना के मेजर गौतम सूरी के साथ ही 4 सदस्यीय टीम भी जुटी हुई है। इसके अलावा 4 IAS, 2 IPS, 5 एडिशनल SP, 4 SDOP, 5 तहसीलदार, 8 TI और 120 पुलिसकर्मी, EE (PWD), EE (PHE), CMHO, 1 सहायक खनिज अधिकारी, NDRF के 32, SDRF से 15 और होमगार्ड के जवान मौजूद हैं। वहीं एक स्टोन ब्रेकर, 3 पोकलेन, 3 JCB, 3 हाइवा, 10 ट्रैक्टर, 3 वाटर टैंकर, 2 डीजल टैंकर, 1 हाइड्रा, 1 फायर ब्रिगेड, 1 ट्रांसपोर्टिंग ट्रेलर, तीन पिकअप, 1 होरिजेंटल ट्रंक मेकर और 2 जेनरेटर का उपयोग किया जा रहा है। दो एम्बुलेंस भी तैनात की गई है।

CM ने परिजनों से बात की, सकुशल वापसी का दिलाया भरोसा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने बच्चे के माता पिता से फोन पर बात की है। CM ने उन्हें राहुल की सकुशल वापसी का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा है कि पूरा शासन प्रशासन राहुल की सकुशल वापसी के लिए लगा हुआ है। आप लोग धैर्य रखें, राहुल की सकुशल वापसी होगी। वहीं CM लगातार जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से बात कर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ले रहे हैं।

राहुल को सुबह जूस पीने के लिए दिया गया। बोर में कैमरे से निगरानी की जा रही है।
राहुल को सुबह जूस पीने के लिए दिया गया। बोर में कैमरे से निगरानी की जा रही है।

गुजरात से बुलाए गए रोबोट इंजीनियर
कलेक्टर जितेंद्र शुक्ला और SP विजय अग्रवाल ने राहुल के परिजनों से मुख्यमंत्री की बात कराई है। राहुल के पिता राम कुमार साहू ने CM को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है और मदद मांगी है। वहीं कलेक्टर ने CM को बताया कि उनके निर्देश पर गुजरात से रोबोट इंजीनियर को बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि इसी रोबोट के माध्यम से गुजरात में एक बच्चा के सफल रेस्क्यू किया गया था। बातचीत के दौरान जिले के एसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद थे।

कटक और बिलासपुर से पहुंची NDRF टीमें
कटक और बिलासपुर से NDRF की टीम मौके पर हैं। कोरबा,रायगढ़ से भी मशीने देर रात पहुंच गई थीं। आसपास के एरिया में बैरिकेडिंग की है। रात को पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा स्वास्थ्य अधिकारियों और एम्बुलेंस की टीम को तैनात किया गया है। ऑक्सीजन सिलेंडर अतिरिक्त तौर पर रखा गया है। CCTV से कलेक्टर सहित अधिकारी नजर रखे हुए हैं। रात में बच्चे को खाने के लिए केला, फ्रूटी सहित अन्य खाद्य सामग्री भेजी गई थी। बोरवेल से राहुल की आवाज और उसकी हलचल पूरी तरह सुनाई और दिखाई दे रही है

बोर के पास 5 फीट और खुदाई के बाद टनल बनाने का काम शुरू किया जाएगा।
बोर के पास 5 फीट और खुदाई के बाद टनल बनाने का काम शुरू किया जाएगा।

मां-बाप का बड़ा बेटा है राहुल
हादसे के बाद से ही राहुल की मां और उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर कोई यह उम्मीद लगाए बैठा है कि जल्दी से राहुल को बाहर निकाल लिया जाए। पूरे गांव के लोग भी रात भर उसी जगह पर टिके रहे, जहां पर बच्चा गिरा है। राहुल अपने मां-बाप का बड़ा बेटा है। उसका छोटा भाई 2 साल छोटा है। पिता की गांव में बर्तन दुकान है।

राहुल साहू (10) का शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद से कुछ पता नहीं चला। जब घर के ही कुछ लोग बाड़ी की तरफ गए तो राहुल के रोने की आवाज आ रही थी। गड्‌ढे के पास जाकर देखने पर पता चला कि आवाज अंदर से आ रही है। बोरवेल का गड्‌ढा 80 फीट गहरा है। बच्चा लगभग 50 फीट गहराई में फंसा है। ये भी बताया गया है कि बच्चा मूक-बधिर है, मानसिक रूप से काफी कमजोर है। जिसके कारण वह स्कूल भी नहीं जाता था। घर पर ही रहता था।

राहुल के बोर में गिरने के बाद से ही उसकी मां और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
राहुल के बोर में गिरने के बाद से ही उसकी मां और परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।