लेनदारों से परेशान कृषि केंद्र संचालक ने खाया जहर:होश आया तो बोला-भुगतान कर चुका, फिर भी व्यापारी मांग रहे 22 लाख रुपए

​​​​​​​जांजगीर-चांपाएक महीने पहले
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नवागढ़ अस्पताल में भर्ती कृषि केंद्र संचालक। - Dainik Bhaskar
नवागढ़ अस्पताल में भर्ती कृषि केंद्र संचालक।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में कृषि केंद्र के एक संचालक ने जहरीला पदार्थ खाकर जान देने की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केंद्र संचालक ने व्यापारियों पर वसूली करने और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि भुगतान करने के बावजूद व्यापारी उससे 22 लाख रुपए की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला नवागढ़ थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, सेमरा के कृषि केंद्र संचालक विकास गौरहा (42) ने गुरुवार शाम जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने उसे नवागढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। परिजनों ने तब इतना बताया था कि विकास काफी दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। हालांकि उसके खुदकुशी का प्रयास करने के कारणों का पता नहीं चल पा रहा था।

बोला-22 लाख रुपए बकाया बता रहे हैं दोनों व्यापारी

अब शनिवार को विकास की तबीयत में सुधार हुआ और उसे होश आया तो पुलिस बयान लेने के लिए पहुंची। विकास ने पुलिस को बताया कि सक्ती के बंसल ट्रेडर्स और बम्हनीडीह के मनोज अग्रवाल से अपने व्यवसाय से संबंधित सामान का लेनदेन करता है। उसने भी देनदारियों का भुगतान कर दिया है। आरोप लगाया कि इसके बावजूद बंसल ट्रेडर्स 18 लाख रुपए और मनोज अग्रवाल 4 लाख रुपाए का बकाया बता रहे हैं।

सुसाइड नोट भी मिला, पर स्पष्ट नहीं

दोनों व्यापारी इसको लेकर बार-बार तकादा भी कर रहे हैं। इसी के चलते वह काफी परेशान था। विकास ने आरोप लगाया कि रुपए का भुगतान नहीं करने पर व्यापारी उसे धमकी दे रहे हैं। थाना प्रभारी राजेश पटेल ने बताया कि कृषि केंद्र संचालक ने द्वारा सुसाइड नोट भी लिखा है। इसकी लिखावट स्पष्ट नहीं है। नोट तेल में भीगा हुआ है, जिसकी वजह से सुसाइड नोट के आधार पर कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। मामले की जांच की जा रही है।

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