अब बोरवेल वाले राहुल के गांव में निकल रही गैस:खेत से फूट रहा था पानी का फव्वारा, मिट्टी हटाई तो आने लगी तेज आवाज

​​​​​​​जांजगीर-चांपाएक महीने पहले
खेत से निकलने वाली गैस काफी ठंडी है। - Dainik Bhaskar
खेत से निकलने वाली गैस काफी ठंडी है।

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में बोरवेल वाले राहुल का गांव पिरीद एक बार फिर चर्चा में है। इस पर कोई हादसा नहीं हुआ है, बल्कि जमीन तोड़कर गैस निकल रही है। मंगलवार सुबह किसान अपने खेत में पहुंचा तो देखा कि वहां पानी निकल रहा था। इस पर उसने मिट्‌टी हटाई तो जोर की आवाज के साथ गैस निकलने लगी। मामले की सूचना प्रशासन को दी गई। इसके बाद खेत की बैरिकेडिंग करा कर माइनिंग विभाग को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

मालखरौदा ब्लाक के पिरीद गांव के किसान लक्ष्मी नारायण जाटवर मंगलवार सुबह खेती-किसानी के काम से सरपत खार स्थित अपने खेत पहुंचे। वहां देखा कि खेत में पानी का फव्वारा फूट रहा है। उनका पूरा खेत पानी से भर गया है। इस पर उन्होंने फावड़े से मिट्‌टी हटाई। मिट्‌टी हटाते ही तेज आवाज से गैस निकलने लगी। आवाज इतनी तेज है कि आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान भी वहां एकत्र हो गए।

पहले खेत से पानी का फव्वारा फूट रहा था।
पहले खेत से पानी का फव्वारा फूट रहा था।

SDM ने बैरिकेडिंग के निर्देश दिए

मामले की जानकारी प्रशासन को भी दी गई है। इसके बाद सक्ती SDM रैना जमील ने बताया कि उन्हें कुछ देर पहले ही सूचना मिली है। गैस जहरीली भी हो सकती है। इसे देखते हुए माइनिंग विभाग को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही मालखरौदा तहसीलदा को भी खेत में आस-पास बैरिकेडिंग के निर्देश दे दिया है, ताकि कोई खतरा न रहे। जांच के बाद ही पता चलेगा कि वहां से किस तरह की गैस बाहर आ रही है।

तेज आवाज के साथ खेत से गैस निकल रही है।
तेज आवाज के साथ खेत से गैस निकल रही है।

जमीन से निकलने वाली गैस काफी ठंडी

बताया जा रहा है कि लक्ष्मी नारायण जाटवर का यह पुश्तैनी खेत है। इसमें वह सालों से खेती करता चला आ रहा है, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। खेत के नीचे ऐसी कोई पाइपलाइन जाने की बात भी सामने नहीं आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन से निकलने वाली हवा काफी ठंडी है। इसके मीथेन होने की भी आशंका जताई जा रही है। फिलहाल कुछ स्पष्ट नहीं है। वहीं किसान लक्ष्मी नारायण भी अपने खेत को लेकर काफी परेशान हैं।

10 जून को बोरवेल में गिरा था राहुल

स्थानीय बच्चा राहुल साहू (10) 10 जून की दोपहर 2 बजे के बाद से कुछ पता नहीं चल रहा था। जब घर के ही कुछ लोग बाड़ी की तरफ गए तो राहुल के रोने की आवाज आ रही थी। गड्‌ढे के पास जाकर देखने पर पता चला कि आवाज अंदर से आ रही है। बोरवेल का गड्‌ढा 60 फीट गहरा था। राहुल मूक-बधिर है। मानसिक रूप से काफी कमजोर है, जिसके कारण वह स्कूल भी नहीं जाता था। घर पर ही रहता था।

चलाया गया था देश का सबसे बड़ा बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन

यह एक बच्चे को बचाने के लिए देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन लॉन्च किया गया था। 103 घंटे से भी ज्यादा चले इस ऑपरेशन में 4 IAS, 2 IPS, NDRF और सेना के जवान सहित 500 अफसर-कर्मचारी शामिल रहे। इन सबका बस एक ही मकसद था...सेव राहुल यानी 10 साल के बच्चे राहुल को बचाना है। इससे पहले देश में किसी बच्चे के लिए इतना लंबे समय और संसाधन के साथ कोई रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं हुआ। यह ऑपरेशन 5 दिन तक चला था। इसके बाद राहुल को सुरक्षित बचा लिया गया।

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