पावर प्लांट के अंदर युवक ने लगाई फांसी:8 दिन से काम पर नहीं गया था; आठ घंटे बाद फंदे से उतारा गया शव

जांजगीरएक महीने पहले
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सीढ़ी पर लटकी मिली लाश - Dainik Bhaskar
सीढ़ी पर लटकी मिली लाश

छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में स्थित एक पावर प्लांट में एक युवक ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। वह पिछले 8 दिनों से काम पर नहीं गया था। फिर जब गया तो उसने ये कदम उठा लिया है। उसकी मौत के बाद परिजन भी नाराज हो गए थे। शव को फंदे से नहीं उतारने दे रहे थे काफी देर तक प्लांट के अंदर गहमागहमी का माहौल रहा। आखिरकार 8 घंटे की मशक्कत के बाद शव को फंदे से उतारा जा सका है। मामला मुलमुला थाना क्षेत्र का है।

अकलतरा क्षेत्र में KSK महानदी पावर प्लांट है। यहीं पर रोगदा गांव का हुकुम सिंह मरावी (35) वाटर केमेस्ट्री विभाग में सीनियर हेल्पर के रूप में काम करता था। किसी कारण से वह पिछले 8 दिन से ड्यूटी पर नहीं गया था। मंगलवार को सुबह की ड्यूटी करने गया था। इसके बाद सुबह 9 बजे के आस-पास उसने फांसी लगाई है। हुकुम का शव़ पीटी प्लांट एरिया में सीढ़ी से लटका हुआ मिला। बताया गया है कि जब हुकुम पंच करने के लिए गया था। तब उसका पंच इन नहीं हो रहा था। बाद में उसे पता चला कि उसकी आईडी को लॉक कर दिया गया है।

हुकुम सिंह मरावी ।
हुकुम सिंह मरावी ।

वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने उसका शव देखा था। जिसके बाद परिजनों और पुलिस को इस बात की खबर दी गई थी। खबर लगने पर मुलमुला, अकलतरा पुलिस और उसके परिजन मौके पर पहुंचे। प्रबंधन ने परिजनों को शव सौंपने की बात कही थी। पुलिस को शव बरामद कर पीएम के लिए भेजना था। मगर उसके परिजन नाराज हो गए। उन्होंने तुरंत ही मांग कर दी की उन्हें उचित मुआवजा चाहिए।

लिखित आश्वसान के बाद माने परिजन

परिजन उचित मुआवजे की मांग को लेकर अड़ गए थे। उन्होंने कह दिया था कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, तब तक शव को नहीं लेंगे। इसके बाद प्रशासन और प्लांट प्रबंधन ने बात की। परिजनों से भी बात की गई। फिर फैसला लिया गया कि हुकुम के बेटे की पढ़ाई लिखाई की परीक्षा का खर्च प्रबंधन उठायेगा। इसके साथ ही अंतिम राशि के रूप में 30 लाख रुपए हुकुम के परिजनों को दिए जाएंगे। साथ ही उसकी पत्नी को नौकरी देने का भी लिखित आश्वासन दिय गया है। इसके अलावा मौके पर ही एक लाख रुपए दिए गए हैं। जिसके बाद करीब 8 बाद शव को सीढ़ी से नीचे उतारा गया। बाद में शव को पीएम के लिए भेजा गया है।

मौके पर ही एक लाख रुपए दिया गया। इसके अलावा लिखित आश्वासन दिया गया है।
मौके पर ही एक लाख रुपए दिया गया। इसके अलावा लिखित आश्वासन दिया गया है।

ये हो सकता है कारण

फिलहाल इस बात का पता नहीं चल सका है कि हुकुम ने जान क्यों दी। मगर खबर है कि प्लांट के अंदर कुछ ठेकेदार मजदूरों को परेशान करते हैं। पहले तो जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्याज में पैसे दे दिए जाते हैं। फिर समय पर पैसे नहीं लौटाने पर उनके एटीएम छीन लिए जाते हैं। सैलरी आने पर वह लोग खुद ही एटीएम से पैसे निकाल लेते हैं। मनमाने तरीके से ब्याज लगार उनके खाते से पैसे निकाल लिए जाते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि हुकुम भी इस तरह की किसी बात से परेशान था।

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