दल से मिलाने रेस्क्यू आज:दो नन्हे हाथियों संग समडमा पहुंचा 14 का दल, बिछड़े हाथी को इसी दल से मिलाएंगे

जशपुर/अंकिरा14 दिन पहले
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दल को छोड़ बस्ती लौटता नन्हा हाथी। - Dainik Bhaskar
दल को छोड़ बस्ती लौटता नन्हा हाथी।

दल से बिछड़ा नन्हा हाथी बीते तीन दिन से लवाकेरा के पीडब्लूडी रेस्ट हाउस में मेहमान बना हुआ है। वन विभाग ने दो बार इस नन्हे हाथी को दल से मिलाया, लेकिन यह नन्हा हाथी वापस समडमा बस्ती लौट गया। शनिवार की शाम को इस नन्हा हाथी को लिंडा जंगल में मौजूद हाथियों के दल से मिलाने की तैयारी थी। उस पर दल में कोई भी दुधारू मादा हाथी नहीं थी, इसलिए विभाग ने उस दल से हाथी को नहीं मिलाया। हाथी बार-बार दल छोड़कर वापस क्यों लौट रहा है। यह जानने के लिए महासमुंद से वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट लवाकेरा पहुंचे हुए हैं।

इधर बिलासपुर से पहुंचे पशु चिकित्सक की निगरानी में नन्हे हाथी को रखा गया है। उसे दूध पिलाया जा रहा है, ताकि हाथी कमजोर ना पड़े। नन्हे हाथी की देखभाल के लिए बलरामपुर के रामकुला से एक महावत को भी बुलाया गया है। महावत, पशु चिकित्सक व वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट नन्हे हाथी की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं और इधर उसकी मां वाले दल को भी ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। वन सुत्रों के अनुसार शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात को 14 हाथियों का एक दल नदी पार कर खारीबहार हाेते हुए समडमा जंगल पहुंचा है।

अनुमान पर चल रहे एक्सपर्ट और अफसर
नन्हा हाथी अपने दल से क्यों नहीं मिल पा रहा है, क्या उसके वास्तविक दल का पता नहीं चल सका है या हाथी अब उसे अपने दल में स्वीकार नहीं कर रहे हैं, एक्सपर्ट और अफसर सभी अनुमान पर चल रहे हैं। इधर विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने इस बारे में किसी भी तरह की ब्रिफिंग देना भी अब बंद कर दिया है। डीएफओ से लेकर एसडीओ व रेंजर कोई इस संबंध में बात नहीं कर रहे हैं।

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