लोगों ने भागकर बचाई जान:हाथियों ने म्यार में लटक रहे भुट्टे को खाने तोड़ा घर

बोड़लाएक महीने पहले
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अवरा घोघरा में हाथियों ने तोड़ा घर। - Dainik Bhaskar
अवरा घोघरा में हाथियों ने तोड़ा घर।

पंडरिया क्षेत्र के जंगलों से निकलकर अब हाथियों का दल बोड़ला ब्लाॅक के सीमावर्ती गांव में पहुंच चुका है। ग्राम पंचायत लरबक्की के आश्रित गांव अवरा घोघरा में इन हाथियों ने घरों व फसलों को नुकसान पहुंचाया है। 4 नवंबर की रात दल में शामिल 6 हाथी चिंघाड़ते हुए गांव में घुसे। हाथियों की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण अपने- अपने घरों से बाहर निकले। ग्रामीणों को देखकर हाथी उग्र हो गए। गांव निवासी जतन सिंह पिता राम सिंह के घर पर हमला बोल दिया।

परिवार के लोग किसी तरह जान बचाकर वहां से भागे और दूसरे के घर में शरण ली। जतन सिंह के घर की म्यांर पर भट्टे लटके हुए थे, उसे खाने के लिए हाथियों ने घर की छत (छप्पर) को गिरा दिया। वहीं एक अन्य ग्रामीण दीना पिता रामसिंह की बाड़ी में रखे धान की खरही को भी नुकसान पहुंचाया है। इसके बाद हाथी पुन: जंगल की ओर भाग गए।

लरबक्की समेत आसपास के अन्य गांवों में दहशत
दल में कुल 6 हाथी हैं, जो पिछले 8- 9 दिन से पंडरिया व बोड़ला के सीमावर्ती गांव के आसपास विचरण कर रहे हैं। अभी इनका लोकेशन लरबक्की के आसपास है। इससे लरबक्की, धूमाछापर, आमानारा और बरपानी गांव के लोगों में दहशत है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि हाथी प्रभावित गांवों में मुनादी नहीं कराई गई है। इसे लेकर तरेगांव जंगल थाने में भाजपा कार्यकर्ताओं ने वन विभाग के खिलाफ लिखित शिकायत की है।

जिले में गजराज परियोजना लागू करने की रखी मांग
इधर, जनता कांग्रेस छग (जोगी) ने जिले में हाथियों के बार- बार आने के चलते यहां गजराज परियोजना लागू करने की मांग की है। जनता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुनील केशरवानी का आरोप है कि अवैध कटाई के कारण क्षेत्र में जंगल का रकबा कम हुआ है। इस कारण हाथियों का झुंड गांवों में हमला कर रहा है। वन विभाग के अधिकारी - कर्मचारी मुख्यालय में निवास नहीं रहते हैं। श्री केशरवानी ने वनमंत्री से गजराज परियोजना लागू करने मांग की है। ताकि समय रहते जान-माल की नुकसान होने से बचा जा सके।

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