सरकार को लगाया लाखों का चूना:31 मार्च 20 से लीज समाप्त, अब तक हजारों टन पत्थर की खुदाई

कवर्धा10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

बोड़ला ब्लॉक के ग्राम पंचायत भलपहरी में आशा मिनरल्स नाम से संचालित चूना पत्थर खदान को बंद कराने ग्रामसभा में सर्व-सम्मति से प्रस्ताव पास हो गया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने ग्रामसभा प्रस्ताव की कॉपी कलेक्टर जन्मेजय महोबे को सौंपी। साथ ही अब खदान को तत्काल बंद कराने मांग की है। खदान बंद नहीं होने की सूरत में ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। खनिज विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक भलपहरी में खसरा नंबर-163 में चूना पत्थर खुदाई के लिए दो अलग-अलग जगह लीज पर है।

खसरे के 1.740 हेक्टेयर की लीज 31 मार्च 2020 तक थी। खदान संचालक ने लीज बढ़ाने आवेदन जरूर किया था, लेकिन वर्ष 2017 में लागू नए माइनिंग प्लान के चलते लीज आगे नहीं बढ़ पाई। ग्रामीणों का आरोप है कि लीज रिनुवल नहीं होने पर भी बीते 2 साल से अवैध तरीके से हजारों टन चूना पत्थर की खुदाई की गई। इन चूना पत्थरों से गिट्टी निर्माण कर बेचा गया, जिससे शासन को लाखों रुपए रायल्टी का नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों को जल संकट की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

नए नियम के कारण नहीं हुआ खदान की लीज का रिन्यूअल
खनिज विभाग के मुताबिक पूर्व में अधिकतम 5 से 10 साल तक की अवधि के लिए लीज दी जाती थी। वर्ष 2017 में लागू नए माइनिंग प्लान में इस नियम को 30 साल कर दिया गया। संबंधित खदान में अगर रॉ- मटेरियल है, तो अधिकतम 5 साल और अवधि बढ़ाई जा सकती है, लेकिन इससे ज्यादा नहीं। लेकिन भलपहरी में खदाई की लीज अवधि 28 नवंबर 1982 से 31 मार्च 2020 तक लीज अवधि थी। यानी 38 साल हो चुके हैं। इसलिए नए नियम के हिसाब से लीज रिन्यूअल नहीं की गई।

माइनिंग अफसरों पर मिलीभगत का आरोप, इसलिए जांच नहीं
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने खदान में चूना पत्थरों की अवैध खोदाई की निष्पक्ष जांच कराने मांग की है। ग्रामीणों के साथ आए जोगी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुनील केशरवानी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना माइनिंग अफसरों की मिलीभगत के अवैध खुदाई संभव नहीं है। इसलिए जांच भी नहीं होती थी। मामले में अफसरों की संलिप्तता और अवैध खोदाई से जो राजस्व क्षति हुई है, उस पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करने मांग की गई है।

खनन क्षेत्रों में जांच के लिए जाेगी कांग्रेस बनाएगी टीम

भलपहरी के अलावा जिले में चूना पत्थर व अन्य गौण खनिजों के खदान संचालित हैं। लेकिन पर्यावरण और माइनिंग विभाग इनकी नियमित जांच नहीं करता है। इसे लेकर जाेगी कांग्रेस ने जांच दल बनाने की बात कही है। जोगी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष श्री केशरवानी ने कहा कि जिले में जितने भी खनन क्षेत्र हैं, उनकी जांच करेंगे। खनन प्रभावित गांव के लोगों से समस्याएं जानकर उसकी डिटेल रिपोर्ट बना शासन- प्रशासन को सौंपेंगे। खदान बंद कराने आवेदन देने वालों में ग्रामीण रूपसिंह धुर्वे, तुकाराम , बजरहा, गुनीराम, देवेंद्र, राजाराम, सनत,सुरेश, जयराम, अंजोरी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

खबरें और भी हैं...