गणतंत्र दिवस विशेष:"सत्यमेव जयते’... देश की आजादी से पहले ही इस आदर्श को अपनाया था कवर्धा स्टेट ने

कवर्धा9 दिन पहले
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मुण्डक- उपनिषद् से लिया गया एक वाक्य ‘सत्यमेव जयते’ हमारे देश का आदर्श वाक्य है। इसका अर्थ है सत्य की ही जीत होती है। भारत सरकार ने यह चिन्ह भले ही 26 जनवरी 1950 को अपनाया हो, लेकिन कवर्धा हमेशा से ही सत्यमेव जयते को मानने व अपनाने वाला रहा है। देश की आजादी से पहले ही कवर्धा स्टेट के प्रतीक चिन्ह के साथ सत्यमेव जयते भी स्वीकार किया गया था। बाद में हमारे देश का भी राष्ट्रीय आदर्श वाक्य बना।

कवर्धा के खूबसूरत राजमहल में अब भी मौजूद है यह आदर्श वाक्य

कवर्धा स्टेट ने अपने प्रतीक चिन्ह के रूप में भगवान शंकर और उनके दोनों बाजुओं पर हिरण की आकृति। उसके नीचे दो तलवारें व ओम (ऊँ) को स्वीकार किया और इस प्रतीक के नीचे सत्यमेव जयते को स्थान दिया गया। इससे स्पष्ट है कि कवर्धा स्टेट भी सत्य के विजय के सार्वभौम सत्य को स्वीकार करता था। यह चिन्ह और उसके नीचे लिखा यह आदर्श वाक्य अब भी कवर्धा के खूबसूरत राजमहल में मौजूद है।

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