• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Kabirdham
  • The Dead Bodies Of The Innocent People Buried Under The Bus That Fell In The Ditch Could Not Be Rescued In The Night Due To Non availability Of Crane.

रफ्तार का कहर:खाई में गिरी बस के नीचे दबी रही मासूमों की लाश क्रेन न मिलने के कारण रात में नहीं हो पाया रेस्क्यू

कवर्धा/ कुकदूर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
दुर्घटनाग्रस्त बस के नीचे दबे शवों को निकाला गया। - Dainik Bhaskar
दुर्घटनाग्रस्त बस के नीचे दबे शवों को निकाला गया।

कुकदूर-बजाग (मप्र) अंतरराज्यीय मार्ग पर आगरपानी मोड़ पर बेकाबू बस खाई में गिर गई थी। दुर्घटनाग्रस्त बस के नीचे दबने से दो मासूम बच्चियों की मौत हुई है। क्रेन नहीं मिलने से रात में रेस्क्यू नहीं किया जा सका। रातभर दोनों बच्चियों की लाश बस के नीचे ही दबी रही। रविवार सुबह पुलिस क्रेन लेकर पहुंची, तब जाकर दोनों शव निकाले गए। शव बुरी तरह से कुचल चुके थे।

पुलिस के मुताबिक मृतक रागिनी पिता रामनाथ साहू (9 वर्ष) ग्राम गढ़बेड़ा थाना पिथौरा (महासमुंद) और सिमरन पिता कैलाश मांझी (3 साल 6 माह) धरमबांधा (ओडिशा) की रहने वाली थी। हादसे में दोनों बच्ची बस के नीचे दबी थी। हादसे के बाद बस में सवारी सभी लोग अपनी-अपनी जान बचाने के लिए बाहर निकलने लगे।

इस भगदड़ में बस के नीचे दबी बच्चियां कुचलती गई। इस वजह से शवों की स्थिति बिगड़ गई थी। रविवार को रेस्क्यू के दौरान शवों के टुकड़े हो गए थे। बेबसी ऐसी कि साढ़े 3 साल की सिमरन के शव को परिजन ओडिशा तक नहीं ले जाए। कुकदूर में ही शव का अंतिम संस्कार करने पुलिस की मदद ली।

घटना में किसी के सिर में चोट आई तो किसी का पैर कट गया, जान बचाने के लिए यात्रियों में मच गई थी भगदड़
इस भीषण बस हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हुई है। इनमें से यात्रियों में भगदड़ मच गई थी। 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। किसी का सिर फूटा है, तो किसी के पैर कट गए हैं। घायलों में लीलाधर वर्मा (32), गुंजन वर्मा (6), परदेश (55), वीना (40), सोनऊ (55), योगेश (1), भुनेश्वर (5), रामेश्वर (35), अंबिका (36), मनबोध (68), राधिका (27), प्रताप (4), दीप यादव (45), रामेश्वर धुर्वे (32), शिवशंकर (55) और पुरुषोत्तम (36) शामिल हैं।

बिना परमिट के ही एमपी की बसें ढो रही हैं सवारी
कुकदूर थाना क्षेत्र में पंडरिया-बजाग (मप्र) अंतरराज्यीय मुख्य मार्ग पर पोलमी में आरटीओ बैरियर की जरूरत है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश की अधिकांश छोटी- बड़ी बसें बिना परमिट के छत्तीसगढ़ में सवारी ढो रही है। परिवहन विभाग के नुमाइंदे ऐसे बसों की चेकिंग नहीं करते हैं। वहीं रफ्तार भी थम नहीं रही है।

यूपी के सुल्तानपुर में ईंट भट्ठा में काम करने गए थे
हादसे में घायल सभी लोग मजदूर हैं, जो बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर चांपा, महासमुंद और ओडिशा के रहने वाले हैं। ये सभी उत्तरप्रदेश के सुलतानपुर में दो अलग-अलग ईंट भट्ठों में मजदूरी करने गए थे। नंदिनी ट्रैवल्स की बस की बुकिंग कर उसी में सभी घर लौटने के लिए बिलासपुर आ रहे थे।

तेज रफ्तार बस आगरपानी के घुमावदार मोड़ पर बेकाबू हुई। स्पीड ज्यादा होने से बस पूरी तरह मुड़ी नहीं और सीधे खाई में गिर गई। गनीमत रही कि एक चट्टान से टकराकर बस रुक गई, अन्यथा नीचे गहराई में गिरने पर कई जानें जा सकती थी।

बस को लिफ्ट करने के दौरान सावधानी बरती गई
खाई में गिरी बस के नीचे दबी बच्चियों के शव को निकालना पुलिस के लिए भी आसान नहीं था। बस को लिफ्ट (उठाने) करने के लिए बड़ी क्रेन की जरूरत थी, लेकिन उपलब्ध नहीं हो पाया। इस कारण रात में रेस्क्यू नहीं हो पाई। सुबह जिला मुख्यालय कवर्धा से पुलिस क्रेन लेकर पहुंची। शवों को निकालने के लिए बस को लिफ्ट करने समय जरा सी चूक रेस्क्यू कर रहे पुलिसकर्मियाें को भी नुकसान पहुंचा सकता था। इसलिए बड़ी सावधानी बरती गई।

खबरें और भी हैं...