नशा निषेध दिवस:चित्रकला व भाषण के माध्यम से नशे से होने वाले दुष्प्रभाव को बताया गया

दल्लीराजहरा2 महीने पहले
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इंडियन रेडक्रास सोसायटी ने स्कूलों में नशा निषेध दिवस मनाया गया। प्राथमिक, मिडिल, हाई व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों ने रैली, चित्रकला, रंगोली, भाषण, के द्वारा बच्चों नशे से होने वाले दुष्प्रभाव को बताया। स्कूल के आसपास गुटखा तंबाकू बेचने वालों को कोटपा 2003 के तहत समझाइश भी दी गई। जिला अध्यक्ष इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने भी सभी बच्चों को नशे से दूर रहकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने की सलाह दी है।

नशे से होने वाली कुप्रभाव के प्रति लोगों को जागरूक किया। नशा के सेवन कुछ पल के लिए शरीर में ताकत, मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ जाता है लेकिन यह शरीर पर बुरा प्रभाव डालता है। माता-पिता अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें। ड्रग का सेवन मनुष्य के शरीर के साथ-साथ उनकी मानसिकता को भी पूरी तरह से नष्ट कर देता है जिस व्यक्ति को एक बार ड्रग्स की लत लग जाए वह उसे छोड़ नहीं पाता है ।उसे नशीले पदार्थ नहीं मिलने पर उन्हें बदन दर्द, भूख ना लगना, चिचड़ापन, गुस्सा आना, भारीपन, अनियंत्रित रक्तचाप के लक्षण दिखाई देते हैं। भारत सरकार द्वारा नशा मुक्ति केंद्र बनाया गया है।

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