रसोइयों की हड़ताल:बच्चों को तीन दिनों से नहीं मिला मिड-डे-मील

भानुप्रतापपुर2 महीने पहले
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झिटकाटोला में मध्याह्न भोजन नहीं  मिलने से भूखे ही पढ़ाई करने मजबूर हैं बच्चे। - Dainik Bhaskar
झिटकाटोला में मध्याह्न भोजन नहीं मिलने से भूखे ही पढ़ाई करने मजबूर हैं बच्चे।

दुर्गूकोंदल ब्लॉक के झिटकाटोला प्राथमिक व माध्यमिक शाला के बच्चों को 3 दिनों से मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा है। रसोइयों की हड़ताल के चलते बच्चों को भूखे ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। मध्याह्न भोजन रसोइया कर्मचारी संघ अपनी तीन सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहा है। इसके चलते स्कूलों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था डगमगा गई है। कुछ स्कूलों में शिक्षक खाना बना रहे हैं, तो कुछ में चौकीदार, भृत्यों से भोजना बनवाया जा रहा है। लेकिन कई स्कूलों में व्यवस्था नहीं होने से बच्चों को भूखे पेट ही पढ़ाई करनी पड़ रही है।

प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला झिटकाटोला में भी 3 दिनों से भोजन बनाने की व्यवस्था नहीं होने से बच्चे भूखे ही पढ़ाई कर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी दूर-दराज से पढ़ाई करने पहुंचने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है। गांव के बच्चे तो घर जाकर भोजन कर ले रहे हैं, लेकिन दूर से आने वाले बच्चों को भूखा रहना पड़ रहा है।

स्कूल प्रबंधन द्वारा मजदूरी पर दो लोगों को रखा गया था, लेकिन कुछ दिन मजदूर आए अब वे भी नहीं आ रहे हैं। शनिवार से स्कूल में भोजन ही नहीं बन पाया है। प्राथमिक शाला में 39 और माध्यमिक शाला में 58 बच्चे अध्ययनरत हैं। झिटकटोला प्रभारी प्राचार्य हीरामन नाग ने बताया मध्याह्न भोजन रसोइया आंदोलन पर हैं। इसके बाद गांव के ही 2 लोगों को भोजन बनाने के लिए रखा गया था। वे भी अब नहीं आ रहे हैं।

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