रिश्वतखोरी का मामला:बिल भुगतान के लिए सचिव ने लिए रू. 3 हजार, एसडीओ के नाम से मांगे 5 हजार

भानुप्रतापपुर9 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

ग्राम पंचायत में व्यापारियों को बिल निकलवाने के लिए किस प्रकार रिश्वतखोरी चलती है, किसी से छुपी नहीं है। बिल पास करवाने, सत्यापन करवाने के लिए पैसे की मांग की जाती है। यह राशि नहीं देने से बिल के भुगतान के लिए अफसरों का चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसा ही मामला भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत भैसाकन्हार क में सामुदायिक शौचालय का निर्माण का है। शौचालय 6 माह पहले पूर्ण हो गया है।

शौचालय निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने वाला व्यापारी पिछले छह माह से सरपंच, सचिव का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो पाया। व्यापारी मोंटी कुलदीप ने बताया कि ग्राम पंचायत भैसाकन्हार क में सामुदायिक शौचालय के लिए सामग्री उपलब्ध कराई थी। तब जल्द बिल का भुगतान का आश्वासन दिया था। 6 माह हो गया भुगतान के लिए चक्कर लगा रहा हूं।

बिल भुगतान के लिए सचिव भोमराज साहू के कहने पर उन्हें 3 हजार रुपए दिए, ताकि बिल का जल्द भुगतान मिल जाए। अब सचिव फाइनल सत्यापन के लिए एसडीओ के नाम से 5 हजार और मांग रहा है, तब भुगतान होने की बात कह रहा। मैं जल्द इसकी एसडीएम से शिकायत करूंगा।

एसडीओ के नाम से 5 हजार बोला था: सचिव

ग्राम पंचायत भैसाकन्हार क के सचिव भोमराज साहू ने कहा कि शौचालय का निर्माण हो गया है। व्यापारी से 3 हजार उधारी लिया हूं। एसडीओ के नाम से 5 हजार बोला था, सिस्टम में लगता है।

मेरे नाम से पैसा मांग रहा तो गलत: एसडीओ

आरईएस एसडीओ प्रकाश देवरे ने कहा कि इस संबंध में सचिव से मेरी कोई बात नहीं हुई हैं। न ही मैंने पैसे मांगे, मेरा नाम से पैसा मांग रहा है तो गलत है। कार्य पूर्ण हो गया है, तो भुगतान हो जाएगा।

खबरें और भी हैं...