निर्देश:कलेक्टर ने कहा अगर गिरदावरी में गलती मिली तो ऑब्जर्वर होगा जवाबदेह

कांकेर2 महीने पहले
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समर्थन मूल्य पर धान, मक्का, अरहर, उड़द एवं मूंग खरीदी करने कलेक्टर डा प्रियंका शुक्ला ने एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कृषि विकास अधिकारी, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों को जिले के पंजीकृत किसानों का गिरदावरी कार्य शतप्रतिशत पूर्ण कराने कहा है। आर्थिक अनुदान, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन गिरदावरी की शुद्धता पर निर्भर करता है। राजस्व रिकार्ड में दर्ज रकबा एवं किसान द्वारा बोए गए वास्तविक रकबा में भिन्नता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी कर्मचारी द्वारा पर्यवेक्षण करने वाले अमलों की जवाबदेही तय करते कार्रवाई की जाएगी।

राज्य सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अलावा मुख्यमंत्री वृक्षारोपण योजनाओं में गिरदावरी के आधार पर भूमि स्वामी कृषकों को लाभांवित किया जाता है। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में किसान से समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का तथा प्राईस सपोर्ट स्कीम अंतर्गत उड़द, मूंग एवं अरहर खरीदी की जाएगी। किसानों के पंजीयन हेतु किसान द्वारा बोए गए धान, मक्का, उड़द, मूंग और अरहर के वास्तविक रकबे की खसरावार जानकारी बनाई जाए। धान एवं मक्का खरीदी हेतु किसान पंजीयन कार्य सामान्यतः अगस्त से प्रारंभ कर अक्टूबर तक किया जाता है।

पंजीयन हेतु राजस्व विभाग को अद्यतन डेटा संधारित किया जाना आवश्यक है। जिला स्तर पर राजस्व विभाग द्वारा डाटा अद्यतन कार्य में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग से सहयोग लिया जाए। पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा गिरदावरी के समय कृषक द्वारा धारित भूमि पर यदि धान के बदले अन्य फसल ली गई हो तो अन्य फसल का खसरावार फोटोग्राफ मोबाइल पर अनिवार्यतः लिया जाए।

मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना अंतर्गत धान के बदले रोपित वृक्षों की जानकारी खसरा खंड 2 के कैफियत कालम नंबर 11 में प्रजातिवार प्रविष्टि किया जाए। यदि उस खसरा नंबर से पूर्व से प्राकृतिक वृक्ष खड़े हुए हैं तथा उसकी प्रवृष्टि खसरा में नहीं हुई है तब प्राकृतिक रूप से खड़े वृक्षों का उल्लेख जातिवार खसरा खंड 2 में किया जाए। इस वर्ष फसलों के अतिरिक्त प्राकृतिक रूप से खड़े वृक्षों एवं रोपित वृक्षों की प्रजातिवार गिरदावरी कर भुंईया में प्रविष्टि करना होगा।

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