अच्छी पहल:कृष्ण कुंज में विभाग बनवाएगा बाॅटनिकल गार्डन

कांकेर2 महीने पहले
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शासन ने कृष्ण कुंज वाटिका योजना शुरू की है जिसका शुभारंभ जन्माष्टमी पर्व से किया जाना है। सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में एक एकड़ में कृष्ण कुंज बनना है। कांकेर शहर सीमा में वनविभाग को कृष्ण कुंज वाटिका बनाने जगह नहीं मिल रही थी। कांकेर के शासकीय भानुप्रतापदेव महाविद्यालय प्रबंधन ने कालेज परिसर में वनविभाग को एक एकड़ जमीन प्रदाय की।

कालेज प्रबंधन द्वारा जमीन देने के बाद वनविभाग ने यहां कृष्ण कुंज बनाने तैयारियां शुरू कर दी है तथा साथ ही कालेज प्रबंधन को वादा किया है की इस कृष्ण कुंज को बाटनिकल गार्डन के रूप में विकसित किया जाएगा ताकी कालेज छात्र यहां अध्ययन भी कर सकें।

कांकेर शहर में कृष्ण कुंज वाटिका बनाने वनविभाग जगह तलाश रही थी लेकिन शहर सीमा में एक एकड़ जगह कहीं भी खाली नहीं होने के कारण परेशानी हो रही थी। काफी तलाश के बाद भी कहीं जगह नहीं मिली तब कालेज प्रबंधन सामने आया तथा कालेज परिसर में कृष्ण कुंज वाटिका बनाने जगह दी।

कालेज प्रबंधन ने कहा जो जगह वनविभाग को कृष्ण कुंज बनाने दी जा रही है वह बाटनिकल गार्डन बनाने आरक्षित थी लेकिन इसके लिए बजट नहीं मिल पाने के कारण बाटनिकल गार्डन नहीं बन पा रहा था। वनविभाग ने कहा की वे इस कृष्ण कुंज को बाटनिकल गार्डन के रूप में विकसित कर देंगे।

चारामा को छोड़ सभी को मिल गई जगह

जिले में चारामा को छोड़कर सभी जगह वाटिका बनाने वन विभाग को जगह मिल चुकी है। सभी जगह पर एक एकड़ में वाटिका बनना है। वाटिका में आम, ईमली, गंगा ईमली, जामुन, बेर, शहतूत, तेंदु, चार, अनार,कदम, पीपल, नीम, बरगद, बबूल, पलाश, अमरूद, आंवला पौधा लगाए जाएंगे।

कॉलेज परिसर में बनेगी कृष्ण कुंज वाटिका

वन विभाग के रेंजर संदीप सिंह ने कहा कृष्ण कुंज वाटिका के लिए कांकेर शहर में कहीं पर भी जगह नहीं मिल पा रही थी। कालेज प्रबंधन ने पीजी कालेज परिसर में कृष्ण कुंज बनाने एक एकड़ जगह दीहै। कृष्ण जन्माष्टमी पर्व तक विकसित करने काम शुरू कराया जा चुका है।

2015 में गार्डन की घोषणा, अब तक काम अधूरा

तत्कालीन वनमंत्री महेश गागड़ा ने 2015 में कांकेर प्रवास के दौरान कालेज में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों की मांग पर कालेज परिसर में बाटनिकल गार्डन बनाने घोषणा की थी। वन विभाग ने उक्त स्थल का घेराव कर छोड़ दिया था लेकिन बाटनिकल गार्डन नहीं बन पाया था। इससे कालेज में वनस्पति संकाय के छात्रों को प्रायोगिक करने दिक्कत होती है।

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