महिला नक्सली उंगी मंडावी मारी गई:पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में हुई थी घायल; नक्सलियों ने जारी किया पर्चा

कांकेर3 महीने पहले
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महिला नक्सली उंगी मंडावी। - Dainik Bhaskar
महिला नक्सली उंगी मंडावी।

कांकेर-नारायणपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में हुए पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में घायल महिला नक्सली उंगी मंडावी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसे लेकर नक्सलियों ने पर्चा जारी किया है। 15 अक्टूबर को नारायणपुर DRG के साथ देवगांव हुचडी में नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी। जिसमें महिला नक्सली उंगी मंडावी बुरा तरह घायल हो गई थी।

नक्सली घायल महिला नक्सलियों को अपने साथ ले गए थे, लेकिन अब उन्होंने उसके मारे जाने की खबर पर्चे के जरिए दी है। जानकारी मिल रही है कि महिला नक्सली की मौत मुठभेड़ के 3-4 दिन बाद ही हो गई थी, लेकिन अब नक्सलियों ने पर्चा जारी किया है। पर्चे में नक्सलियों ने कहा कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए राज्य सरकार लाखों जनता को विस्थापित कर रावघाट खदान खोल रही है। इसके विरोध में चल रहे आदिवासी अभियान को दबाने के लिए फर्जी मुठभेड़ों के जरिए आम जनता की हत्या की जा रही है।

नक्सलियों ने पर्चे में लिखा कि 15 अक्टूबर को दोपहर डेढ़ बजे नारायणपुर डीआरजी ने देवगांव-हुचडी के जंगल में हमारे PLGA सदस्यों पर अंधाधुंध फायरिंग की। इस फायरिंग में हमारी सदस्य उंगी गंभीर रूप से घायल हो गई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

नक्सली अनिल की अगस्त में हुई थी मौत।
नक्सली अनिल की अगस्त में हुई थी मौत।

उंगी दक्षिण बस्तर डिवीजन के सुकमा जिला कोंटा ब्लॉक के ग्राम जग्गाम की रहने वाली थी। 2015 में वो PLGA में शामिल हुई थी। उंगी के नक्सली पति अनिल की भी इसी साल 12 अगस्त को मेंढकी नदी पार करते वक्त मौत हो गई थी। वो नदी में बह गया था। अनिल और उंगी की शादी इसी साल जनवरी के महीने में हुई थी।

मुठभेड़ के बाद सर्चिंग करते DRG के जवान।
मुठभेड़ के बाद सर्चिंग करते DRG के जवान।

15 अक्टूबर को हुई थी मुठभेड़

नारायणपपुर डीआरजी के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ 15 अक्टूबर को हुई थी। नक्सलियों के जमावड़े की सूचना पर सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन चलाया था। बंडापाल के जंगलों में पहुंचने के साथ ही जवानों पर नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की थी, जिसके बाद नक्सली भाग खड़े हुए थे।

पीएस एडका देवरगांव के पास नक्सलियों के जमावड़े की सूचना थी। इधर बाद में हुई सर्चिंग में जंगल में खून के धब्बे मिले थे, जिसमें नक्सलियों के घायल होने का पता चला था। सर्चिंग में घटनास्थल से नक्सल सामग्री भी बरामद हुई थी। बंडापाल नारायणपुर और कांकेर का सीमावर्ती इलाका है।