रेलवे लाइन बनने पर सीधे महाराष्ट्र से जुड़ जाएगा कांकेर:नक्सल प्रभावित भानुप्रतापपुर गढ़चिरौली रेल लाइन सर्वे के लिए 3.37 करोड़ रुपए मंजूर

कांकेर/पखांजूर/अंतागढ़2 महीने पहले
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कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से जोड़ने रेललाइन सर्वे कराने रेलवे ने आदेश जारी किया है। - Dainik Bhaskar
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से जोड़ने रेललाइन सर्वे कराने रेलवे ने आदेश जारी किया है।

कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से जोड़ने रेललाइन सर्वे कराने रेलवे ने आदेश जारी किया है। रेल मंत्रालय ने जो सूची जारी की है उसके अनुसार जिले के भानुप्रतापपुर रेलवे स्टेशन से रेललाइन को आगे बढ़ाकर महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए 135 किमी लंबे रूट का सर्वे करने रेल मंत्रालय ने 3.37 करोड़ की स्वीकृति दी है। हालांकि भानुप्रतापपुर से गढ़चिरौली को किस मार्ग से जोड़ा जाएगा यह स्पष्ट नहीं है। सर्वे आदेश आने के बाद से परलकोट इलाके में हलचल शुरू हो गई है। यहां के लोगों की मांग है गढ़चिरौली को पंखाजूर होते हुए भानुप्रतापपुर से जोड़ा जाए। इससे इलाके का विकास होगा साथ ही रेल लाइन काे भी लाभ मिलेगा।

भानुप्रतापपुर को गढ़चिरौली से जोड़ने रेल लाइन के लिए रेलवे मंत्रालय के पास दो विकल्प हैं। पहला विकल्प 133 किमी लंबा मानपुर, धनोरा होते गढ़चिरौली तक संभावित है। इस मार्ग में 50 किमी दूरी तय करने के बाद रेल लाइन कांकेर जिले की सीमा से बाहर हो जाएगी। इस मार्ग से जिले व प्रदेश वासियों को कोई खास लाभ नहीं होगा। दूसरे विकल्प के रूप 154 किमी लंबा दुर्गूकांेदल, बड़गांव, कापसी, पखांजूर होते पेंड्री व गढचिरौली मार्ग है। इस मार्ग से रेल लाइन ले जाने पर जिले के कई गांव को इसका लाभ मिलेगा।

इस मार्ग में यात्रियों की संख्या भी ज्यादा होगी और रेलवे की कमाई भी होगी। इधर, पखांजूर क्षेत्र के लोगों की मांग है रेलवे नई लाइन विस्तार का सर्वे पखांजूर इलाके की तरफ से किया जाए, जिससे दुर्गकोंदल, बड़गांव, कापसी, पखांजूर के आसपास के पूरे गांव व बांदे क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। साथ ही पखांजूर क्षेत्र में होने से रेल परिवहन को भी बल मिलेगा। वर्तमान में परलकोट क्षेत्र के लोगों को रेल सुविधा के लिए 63 किमी दूर केंवटी तक जाना पड़ता है।

थ्री-डी ड्रोन कैमरे से किया जाएगा लाइन का सर्वे
रेल मंत्रालय से सर्वे कार्य के लिए बजट स्वीकृत होने के बाद जल्द सर्वे शुरू होने की संभावना है। टेंडर लेने वाली कंपनी इस मार्ग का सर्वे अत्याधुनिक थ्री-डी ड्रोन कैमरे से करेगी। इस सर्वे कार्य में रेलवे को जिस मार्ग में लाइन विस्तार करनी है उस मार्ग की सही भौगोलिक स्थिति की जानकारी मिलेगी। सर्वे के दौरान नई रेलवे लाइन विस्तार में होने वाले खर्च आदि का आंकलन किया जाएगा। रेल मंत्रालय को जिस मार्ग में कम खर्च में ज्यादा मुनाफा होगा सर्वे के बाद उसी मार्ग में रेल लाइन विस्तार के लिए टेंडर प्रकिया शुरू होगी।

4 साल पहले पूर्व सांसद उसेंडी ने उठाई थी मांग
भानुप्रतापुर-गढ़चिरौली रेल लाईन की मांग साल 2018 में संसद में शून्यकाल में तत्कालीन सांसद विक्रम उसेंडी ने उठाई थी। तब भानुप्रतापुर तक रेल लाइन पहुंची थी। उन्होंने रेल मंत्रालय से मांग की थी कि भानुप्रतापुर रेल लाइन का आगे विस्तार करते पखांजूर होते गढ़चिरौली तक जोड़ा जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले। पूर्व सांसद विक्रम उसेंडी ने कहा पखांजूर क्षेत्र के रेल मार्ग से जुड़ने के बाद पूरे क्षेत्र में विकास को नई गति मिलेगी।

वर्तमान सांसद ने भी पखांजूर से सर्वे कराने मांग की
वर्तमान सांसद मोहन मंडावी ने भी भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा नई रेल लाइन के विस्तार कार्य के सर्वे की स्वीकृति पर खुशी जताते कहा रेल लाइन का सर्वे कार्य पखांजूर होते ही होना चाहिए। पखांजूर की ओर से रेल लाइन विस्तार होने से इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिलेगा।

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