ताकि न छूटे बच्चों की पढ़ाई:ग्रामीण खुद के खर्च से बच्चों के लिए बना रहे झोपड़ी

संगम2 महीने पहले
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ग्रामीण स्वयं के खर्च से बच्चों की पढ़ाई के लिए बना रहे झोपड़ी। - Dainik Bhaskar
ग्रामीण स्वयं के खर्च से बच्चों की पढ़ाई के लिए बना रहे झोपड़ी।

ग्रापं घोड़ागांव के आश्रित ग्राम मुरदोडा के मिडिल स्कूल का भवन खराब हो गया है। इसके चलते बच्चे पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करने मजबूर हैं। ग्रामीण शासन-प्रशासन से लगातार मरम्मत की मांग करते रहे। हैं पर मरम्मत पर ध्यान नहीं दिए जाने पर ग्रामीण ही बच्चों की पढ़ाई के लिए बांस-बल्ली से झोपड़ी बनाने में जुट गए।

इसके बाद भी अब तक प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। घोड़ागांव के उपसरपंच संतोष कोरछ ने बताया भवन की कंडम स्थिति को लेकर नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पहले शिक्षा अधिकारी को अवगत करा चुके हैं।

पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को मजबूर

कंडम भवन को देखते हुए पहले ही बच्चे पेड़ की छांव में बैठकर पढ़ाई करते आ रहे हैं। बारिश के दौरान बच्चों काे दिक्कतें उठानी पड़ती हैं। इसको देखते हुए सभी ग्रामीण स्वयं के खर्च से झोपड़ी बना रहे हैं, ताकि बच्चों को बारिश, धूप से राहत मिल सके।

स्कूल भवन की दीवारों में आ गई हैं दरारें

मिडिल स्कूल वर्षों पुराना होने के कारण पूरी तरह से कंडम हो गया है। स्कूल की दीवारों में जगह-जगह दरार पड़ गई है। दीवारों और छत का प्लास्टर उखड़कर गिर रहा है। दीवारों में सीलन आ रही है। इससे कभी भी भवन के गिरने का डर बना रहता है।

रमेश नेगी, विशेश्वर, दशरथ नरेटी, रमा, सुदु ने कहा गांव के 40 परिवार के बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने मजबूर हैं। कंडम भवन की मरम्मत व नए भवन की मांग वर्षों से करते आ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन बच्चों की जान की भी परवाह नहीं कर रहा है।

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