कोरबा में ED की दबिश:3 व्यापारियों के ठिकानों पर छापा; कलेक्टर संजीव झा से भी पूछताछ, माइनिंग विभाग में खंगाले दस्तावेज

कोरबा4 महीने पहले
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ईडी के अधिकारियों की गाड़ी। - Dainik Bhaskar
ईडी के अधिकारियों की गाड़ी।

कोरबा जिले के ट्रांसपोर्ट नगर और अग्रसेन मार्ग पर गुरुवार को 3 व्यापारियों के ठिकानों में ED की टीम ने दबिश दी। पुलिसकर्मियों को घर और कार्यालय के पास तैनात किया गया है। आरकेटीसी कंपनी के दफ्तर, ट्रांसपोर्टर राजकुमार अग्रवाल के घर और दफ्तर और कोल व्यवसायी संजय जायसवाल के घर पर कार्रवाई की गई।

इसके अलावा तीन गाड़ियों में सवार प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की टीम ने आज दोपहर लगभग 12:30 बजे कोरबा कलेक्टर परिसर में प्रवेश किया। ईडी की टीम ने खनिज विभाग के दफ्तर में कागजातों को खंगाला। कोरबा कलेक्टर संजीव झा से भी पूछताछ की गई। वहीं कलेक्टोरेट को छावनी में तब्दील कर दिया गया। यहां सुरक्षा-व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। पत्रकारों को भी बाहर ही रोक दिया गया था। अंदर जाने वालों के मोबाइल भी जब्त कर लिए गए।

कोरबा में ईडी का छापा।
कोरबा में ईडी का छापा।

ED की टीम ने कोरबा कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर खनिज न्यास के ऑफिस को सील कर दिया। आदिवासी विभाग के दफ्तर की फाइलों को भी खंगाला गया। कुछ पत्रकार जो वीडियो बनाने की कोशिश कर रहे थे, उनके मोबाइल भी ले लिए गए थे। हालांकि बाद में टीम ने वीडियो और फोटो नहीं लेने की शर्त पर उन्हें मोबाइल वापस कर दिया। इसके बाद सभी पत्रकारों को कलेक्टर परिसर से बाहर कर दिया गया।

ईडी के छापे से अधिकारियों में हड़कंप।
ईडी के छापे से अधिकारियों में हड़कंप।

इस साल जुलाई में इनकम टैक्स की टीम ने कोयला खनन से जुड़े व्यापारियों के यहां छत्तीसगढ़ के कई जिलों में छापे मारे थे। एक कारोबारी के रायपुर और महासमुंद स्थित घर पर कार्रवाई की गई थी। कोरबा के भी कुछ कारोबारियों के ठिकानों पर छापा पड़ा था। ईडी ने कारोबारी लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल को बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाया था। आज कोयला व्यापारी लक्ष्मीकांत तिवारी और सुनील अग्रवाल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार कर लिया गया है।

एक साथ कई जिलों में कार्रवाई

फिलहाल एक ही वक्त में ईडी के अधिकारी 10 से ज्यादा जगहों पर अलग-अलग टीम बनाकर कार्रवाई कर रहे हैं। जिन जगहों पर छापा मारा गया है, उनमें कारोबारी, प्रशासनिक अधिकारी और CA शामिल हैं। इन सभी पर कोयला कारोबारियों से अवैध लेनदेन और आय से अधिक संपत्ति जैसे आरोप हैं।

सीएम ने जताई नाराजगी

इस पूरी कार्रवाई पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जमकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ED छापों के बाद बताती क्यों नहीं कि कहां कितना कैश मिला, संपत्ति मिली, क्या गड़बड़ी मिली? ये छापे भाजपा हमें डराने-झुकाने के लिए करवा रही है, लेकिन हम डरेंगे नहीं।