सीजी बोर्ड रिजल्ट:पांच साल में पहली बार जब मेरिट में हमारा एक भी स्टूडेंट नहीं आया

कोरबा4 दिन पहले
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जिले में 10वीं का 76.48 तो 12वीं का रिजल्ट रहा 81.15 फीसदी - Dainik Bhaskar
जिले में 10वीं का 76.48 तो 12वीं का रिजल्ट रहा 81.15 फीसदी

शनिवार को माध्यमिक शिक्षा मंडल ने 10वीं व 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। जिले का रिजल्ट प्रतिशत में कोई खासा कमी तो नहीं रही लेकिन मेरिट में किसी भी छात्र या छात्रा का नाम नहीं आने से अब तक जिले की बनी साख जरूर प्रभावित हुई है। बीते वर्षों के परिणाम को देखें तो हर साल किसी न किसी छात्र ने प्रदेश की मेरिट लिस्ट के टॉप -10 में अपना नाम दर्ज कराते रहे हैं।

सर्वाधिक टॉपर देने वाला जिले का सरस्वती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल सीएसईबी कोरबा पूर्व व सीतामढ़ी के छात्र भी इस बार इस लिस्ट से दूर रह गए हैं। एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल बालको के छात्र शशांक पाण्डेय ने 10वीं तो सीतामढ़ी सरस्वती स्कूल के छात्र गौरव पाण्डेय जिले के टॉपर बने हैं। इस बार कक्षा 10वीं में 15606 छात्र शामिल हुए थे, जिसमें 11930 उत्तीर्ण हुए हैं।

इसमें भी 5748 प्रथण, 5383 द्वितीय व 799 तृतीय श्रेणी से। इस तरह 10वीं में जिले का रिजल्ट 76.48 प्रतिशत है। जबकि 12वीं की परीक्षा में 11532 छात्र शामिल हुए थे। इनमें से 9353 उत्तीर्ण हुए। 3570 प्रथम, 5386 द्वितीय व 394 तृतीय श्रेणी से। रिजल्ट 81.15 प्रतिशत रहा।

सिक्युरिटी गार्ड दादा का मिला साथ, उनकी इच्छा पूरी करने डॉक्टर बनना चाहते हैं शशांक
मूलत: इलाहाबाद यूपी के रहने वाले शशांक पाण्डेय सेक्टर-5 बालको में रहने वाले सिक्युरिटी गार्ड दादा शिवबहादुर पाण्डेय के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा है। 3 भाई-बहन में वह छोटा है। एक भाई व बहन मां के साथ इलाहाबाद में रहते हैं। पिता का निधन हो गया है। मेहनत से पढ़ाई करने के लिए लगातार दादा दादी का मार्गदर्शन मिलता रहा है।

यही कारण है बेहतर स्थान बना पाया हूं। 12वीं (बायो) में शशांक को 465 अंक (93 प्रतिशत) मिला है। शशांक ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहता है इसलिए अब नीट की तैयारी कर रहा है। लेकिन वह इस बात से दुखी है कि वह महज कुछ अंकों से मेरिट में आने से वंचित रह गया है।

कमियों की समीक्षा कर दूर करेंगे: डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी जीपी भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2020 की तुलना में 12वीं के बच्चों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। यही कारण है कि इस बार परिणाम में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 10वीं का रिजल्ट प्रतिशत कुछ कम हुआ है। हमारे जिले के बच्चों ने मेरिट में स्थान नहीं बनाए पाए। जबकि मेधावी बच्चों से पूरी उम्मीद थी। कहां चूक हुई इसकी समीक्षा कर नए सत्र में उसमें सुधार लाने की कोशिश की जाएगी।

संभाग और प्रदेश में बढ़ा है जिले का कद
कोरबा जिले के छात्र भले ही मेरिट में नहीं आए हैं लेकिन हाई व हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा में छात्रों ने बेहतर अंक हासिल कर जिले को संभाग व प्रदेश में बेहतर स्थान दिलाया है। 10वीं में कोरबा जिला संभाग में प्रथम स्थान पर है जबकि राज्य में 12वें स्थान पर। वर्ष 2020 में कोरबा 13 स्थान पर था। इसी तरह 12वीं के रिजल्ट के आधार पर कोरबा जिला संभाग में दूसरे स्थान पर तो राज्य में 13वें स्थान पर है।

पिता की प्रेरणा ने सफल बनाया: गौरव
सरस्वती शिशु मंदिर सीतामढ़ी में प्रायमरी के शिक्षक संतोष पाण्डेय के पुत्र गौरव उसी स्कूल से 10वीं की परीक्षा दी है। गौरव ने बताया कि पिता व भाई बहनों ने लगातार पढ़ाई के लिए करते रहे हैं। नियमित 7-8 घंटे पढ़ाई करते हुए 10वीं में 96.3 प्रतिशत (600 में 578) से उत्तीर्ण होने वाला गौरव का फोकस यूपीएससी पर है।

वह आगे चलकर आईएएस बनना चाहता है। गौरव ने बताया कि उसे पूरी उम्मीद थी कि वह इस बार मेरिट में आएगा लेकिन यह तो नहीं हुआ पर जिले में अव्वल होने से खुशी हुई है। सीतामढ़ी में ही रहने वाले गौरव के भाई बहन बीएड व पीजी कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं।

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