परंपरा को तोड़ने का प्रयास:आदर्श गांव फूलझर, जहां शराब बनाने व पीने पर अब 5 हजार जुर्माना

कोरबा15 दिन पहले
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करतला ब्लाॅक के ग्राम पंचायत फरसवानी के आश्रित गांव फुलझर के ग्रामीण 143 साल के रिकार्ड के मुताबिक अब तक गांव के लोग थाने में नहीं गए। कोई विवाद होता है, तो गांव में बैठकर सुलझा लेते हैं। गांव में शराब पीना और पिलाने पर प्रतिबंध है। कुछ लोगों ने इस परंपरा को तोड़ने का प्रयास किया तो गांव में सख्त नियम बनाया की शराब बनाने और पीने पर 5 हजार रुपए जुर्माना और बताने वाले को 500 रुपए का इनाम दिया जाएगा।

गांव वाले शराब को विवाद का जड़ मानते हैं। जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर फरसवानी पंचायत का यह गांव उरगा थाने आता है। वर्ष 1998 में कोरबा जिला बना। पहले यह गांव चांपा थाने में आता था। वहां 120 साल का रिकार्ड भी है। इसमें गांव का नाम किसी भी मामले में नहीं आया था। उसके बाद उरगा थाने में भी शामिल होने के विवाद हुआ तो आपस में ही सुलझा लिया। अगर कोई थाना भी चला तो भी गांव के लोग समझाइश देकर मामले को सुलझा लेते हैं।

अपराधमुक्त गांव के लिए पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह और कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गांव के मुखिया स्व. रामलाल पटेल को सम्मानित किया था। साक्षरता के क्षेत्र में कई पुरस्कार मिले हैं। गांव के रामलाल पटेल ने गांव को एकजुट करने में बड़ी भूमिका निभाई। रामलाल पांचवीं तक चांपा में पढ़े और गांव के कई लोग अनपढ़ थे। जब साक्षरता अभियान शुरू हुआ तो गांव वालों को पढ़ाने वे आगे की पढ़ाई करने लगे। उन्होंने 8वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की।

साथ ही गांव के सभी लोगों को साक्षर बनाया। फुलझर गांव की आबादी 230 है। यहां के लोग नदी किनारे सब्जी बाड़ी की खेती करते हैं, जो इनके आय का मुख्य जरिया है। ग्राम पंचायत के यहां के दो वार्ड आते हैं। प्रत्याशियों का चयन गांव के लोग मिलकर करते हैं। अभी गांव की सुमित्रा बाई और बेदराम पंच हैं। पंच सुमित्राबाई कहती है कि बाहर कोई विवाद करता है तो अलग मामला है लेकिन गांव आज भी अपराध मुक्त है। इसे आगे भी रखेंगे।

पूर्ण साक्षर गांव का दर्जा आगे भी रखेंगे कायम
गांव के बुजुर्ग चैतराम पटेल, युवा रामेश्वर पटेल, मोनू पटेल ने बताया कि गांव को पूर्ण साक्षर का दर्जा मिला है। उसे कायम रखे हुए हैं। आगे भी रखेंगे। आज भी यहां फैसले चबूतरे में बैठकर ही होती है। गांव के प्राइमरी स्कूल में 16 बच्चे हैं। आगे की पढ़ाई करने बच्चे फरसवानी जाते हैं। अपराध मुक्त बनाने के लिए शराबबंदी भी जरूरी है। अपराध का कारण भी यही है।

फुलझर का अब तक गंभीर प्रकरण नहीं आया: थाना प्रभारी सोनवानी
उरगा थाना प्रभारी सनत सोनवानी का कहना है कि ग्राम फुलझर के लोग काफी जागरूक हैं। यहां से कभी भी कोई गंभीर प्रकरण सामने नहीं आया। आपसी विवाद में आपस में ही सुलझा लेते हैं। अपराध नहीं होने का एक प्रमुख कारण शराबबंदी भी है।

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