नारायणी कंपनी के ठेका मजदूरों ने काम किया ठप:दीपावली पर बोनस नहीं देने पर नाराजगी; अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, भारी वाहनों के थमे पहिए

कोरबा3 महीने पहले
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मजदूरों ने की हड़ताल। - Dainik Bhaskar
मजदूरों ने की हड़ताल।

कोरबा जिले में दिवाली पर बोनस नहीं मिलने से नाराज नारायणी कंपनी (NCPL) के ठेका मजदूरों ने रविवार को काम ठप कर दिया। कुसमुंडा खदान में नियोजित नारायणी ठेका कंपनी के मजदूरों की हड़ताल के कारण वाहनों के पहिए भी थम गए। खदान में मिट्टी निकालने का काम बंद हो गया।

हड़ताल में टिप्पर ड्राइवर और अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे। मजदूरों ने आरोप लगाया कि दीपावली पर दूसरी कंपनियों में बोनस दिया गया है, लेकिन नारायणी कंपनी ने त्योहार में भी खाली हाथ रखा है। उन्होंने कहा कि अगर बोनस का वितरण नहीं किया गया, तो वे अनिश्चतकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी में पिछले 3 साल से बोनस नहीं दिया गया, जबकि नए नियमों के अनुसार सभी ठेका कर्मचारियों को बोनस दिए जाने का प्रावधान है।

मजदूरों ने बोनस नहीं देने पर जताया विरोध।
मजदूरों ने बोनस नहीं देने पर जताया विरोध।

कर्मचारियों ने कहा कि अभी तक नारायणी कंपनी से कोई अधिकारी भी उनसे मिलने के लिए नहीं आया है। वहीं नारायणी फेस पर ओबी यानी मिट्टी निकालने का काम बंद है, जिससे कंपनी का काफी नुकसान हुआ है। नारायणी कंपनी के चालक राजेश कुमार पटेल ने कहा कि जब तक अधिकारी सामने आकर बात नहीं करेंगे और बोनस का ऐलान नहीं करेंगे, तब तक सभी कर्मचारी वाहन परिचालन बंद रखेंगे।

नारायणी ठेका कंपनी की गाड़ियां खड़ी।
नारायणी ठेका कंपनी की गाड़ियां खड़ी।

SECL की मेगा परियोजना कुसमुंडा में नारायणी ठेका कंपनी को मिट्टी निकालने (ओबी) का काम सौंपा गया है। कंपनी के अधीन ड्राइवर, हेल्पर और अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं। 24 अक्टूबर को दीपावली है, लेकिन एक दिन पहले तक भी बोनस की राशि का भुगतान नहीं हुआ। जिस पर आज चालक-परिचालक समेत अन्य कर्मियों ने हड़ताल कर दी। सभी भारी वाहनों को फर्स्ट शिफ्ट में खड़ा कर दिया गया।

ड्राइवर-हेल्पर और अन्य कर्मियों ने काम किया ठप।
ड्राइवर-हेल्पर और अन्य कर्मियों ने काम किया ठप।

गेवरा और दीपका खदान में नियोजित केजे सिंह ठेका कंपनी ने भी अपने कर्मियों को भुगतान कर दिया। एसईसीएल में कार्यरत नियमित कर्मियों को 76,500 रुपए बोनस दिया गया, इस दौरान श्रमिक संघ प्रतिनिधियों ने ठेका मजदूरों को भी बोनस देने की मांग प्रबंधन के सामने रखी थी। तब प्रबंधन ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन फिर इस पर अमल नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में गुस्सा है।