हत्या की वारदात:छेड़खानी में नाकाम होने पर महिला की जलाकर की हत्या, आरोपियाें को

कोरबा2 महीने पहले
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करीब 2 साल पहले घर में अकेली महिला से तीन लाेगाें ने गलत नियत से छेड़खानी की। इस दाैरान महिला के शाेर मचाने पर अपने प्रयास में नाकाम आराेपियाें ने उस पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा दी थी। घटना में महिला की माैत हाे गई थी। काेर्ट ने आराेपियाें काे आजीवन कारावास की सजा दी गई है। घटना बांगो थाना अंतर्गत पतुरियाडांड गांव में करीब 2 साल पहले घटना हुई थी, जहां निवासरत 6 मई 2020 काे प्रकाश पैकरा किसी काम से अपनी पत्नी ऊषा पैकरा के नाना के घर गया था, जाे रात तक नहीं लौटा।

इस बीच रात करीब 10 बजे गांव के शरद मशीह उर्फ लल्लू, प्रीतम कुमार पैकरा व सरोज कुमार गाेड़ उर्फ नान उसके घर पहुंचे। वे नशे में थे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया ताे ऊषा ने पति के लाैटने की साेचकर दरवाजा खाेला। तब उन्हाेंंने प्रकाश के बारे में पूछा। महिला के उसके घर में नहीं हाेने की जानकारी देते ही तीनों ने उसे पकड़ लिया, जाे उसे खींचते हुए आंगन में ले गए, जहां वे गलत नियत से जमीन पर गिराकर महिला का मुंह दबाते हुए उससे छेड़छाड़ करने लगे। आराेपियाें के हाथ काे मुंह से काटकर महिला ने किसी तरह खुद को उनके चंगुल से छुड़ाया। वह चिल्लाने लगी। तब तीनाें लोगों ने उसके घर में रखे मिट्टी तेल को उसके ऊपर डालकर माचिस मार दिया, जिससे ऊषा गंभीर रूप से झुलस गई।

शाेर सुनकर ग्रामीण उसके घर की ओर पहुंचे ताे आराेपी वहां से भाग निकले। ऊषा काे ग्रामीणाें ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दाैरान 4 दिन बाद उसकी माैत हाे गई। मामले में पुलिस ने केस दर्ज करते हुए आराेपियाें काे गिरफ्तार कर लिया था। मामले की सुनवाई न्यायालय प्रथम अपर सत्र कटघोरा में चल रही थी, जहां शासन की ओर से अतिरिक्त लाेक अभियाेजक अशाेक कुमार ने पैरवी की। सुनवाई में आराेपियाें के खिलाफ दाेष सिद्ध हाे गया। इसके आधार पर न्यायाधीश वेन्सेस्लास टाेप्पाे ने तीनाें आराेपियाें काे आजीवन कारावास की सजा

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