महासमुंद में आकाशीय बिजली गिरने से 5 की मौत:मृतकों में 2 बच्चियां और 3 महिलाएं शामिल; 6 लोग घायल, 3 की हालत गंभीर

​​​​​​​महासमुंद4 महीने पहले

छत्तीसगढ़ के महासमुंद में शुक्रवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में दो बच्चियां और 3 महिलाएं शामिल हैं। 6 महिलाएं झुलस गई हैं। इनमें 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद सभी घायलों को संजीवनी एंबुलेंस से सरायपाली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में हुआ है।

हादसे के बाद लोग महिलाओं और बच्चियों को हाथों में उठाकर एंबुलेंस की ओर दौड़े।
हादसे के बाद लोग महिलाओं और बच्चियों को हाथों में उठाकर एंबुलेंस की ओर दौड़े।

जानकारी के मुताबिक, ग्राम घाट कछार निवासी महिलाएं, बच्चियां और अन्य लोग शुक्रवार को खेत में धान की रोपाई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक से मौसम बदला और तेज आवाज व चमक के साथ बिजली खेत में गिर पड़ी। हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई। पहले तो किसी को समझ में नहीं आया, फिर देखा कि 12 से 15 लोग खेत में बेसुध पड़े हुए हैं।

घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इसके बाद आसपास के खेत में काम रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर में संजीवनी एंबुलेंस पहुंच गई। इससे सभी घायलों को सरायपाली अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने बच्ची जानकी पुत्री भागीरथी व लक्ष्मी पुत्री मीनू और महिला बसंती नाग पत्नी चीनू नाग, जमोवती पति जयदेव नोहर मति पत्नी नील कुमार को मृत घोषित कर दिया।

हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस।
हादसे की सूचना के बाद मौके पर पहुंची एंबुलेंस।

वहीं पंक्जनीं पत्नी मीनू यादव, पार्वती मालिक पुत्री नारायण, तपस्वी पुत्री नारायण, पुन्नी पत्नी भूरौ, गीतांजति पत्नी विनोद और शशि मुझी पत्नी अर्जुन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज जारी है। इनमें से तीन की हालत गंभीर है। फिलहाल प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है।

महासमुंद के ब्लॉक बसना के मधुबन गांव में शुक्रवार को एक और बच्चे की बिजली गिरने से मौत हो गई। मधुबन भंवरचुवा निवासी बच्चा पुनेस यादव बच्चा बैल चराने के लिए जंगल में गया था। इससे कुछ घंटे पहले ही 5 लोगों की मौत हुई थी।

भास्कर नॉलेज: 3 लाख किमी प्रति घंटा की रफ्तार से धरती पर गिरती है बिजली; इससे बचने के 6 तरीके

  • सिर के बाल खड़े हो जाएं या झुनझुनी होने लगे तो फौरन नीचे बैठकर कान बंद कर लें। यह इस बात का संकेत है कि आपके आसपास बिजली गिरने वाली है।
  • जहां हैं, वहीं रहे। हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे-लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें।
  • दोनों पैरों को आपस में सटा लें, दोनों हाथों को घुटनों पर रख कर अपने सिर को जमीन की तरफ जितना संभव हो झुका लें। सिर को जमीन से सटने न दें। जमीन पर कभी न लेटें।
  • बिजली से चलने वाले उपकरणों से दूर रहें, तार वाले टेलीफोन का इस्तेमाल न करें। खिड़कियों, दरवाजे, बरामदे और छत से दूर रहें।
  • पेड़ बिजली को आकर्षित करते हैं, इसलिए पेड़ के नीचे खड़े न हों। समूह में न खड़े रहें, अलग-अलग हो जाएं।
  • घर से बाहर हैं तो धातु से बनी वस्तुओं का इस्तेमाल न करें। बाइक, बिजली के पोल या मशीन से दूर रहें।

क्यों गिरती है बिजली?

आकाशीय बिजली इलेक्ट्रिकल डिस्चार्ज है। ऐसा तब होता है, जब बादल में मौजूद हल्के कण ऊपर चले जाते हैं और पॉजिटिव चार्ज हो जाते हैं। भारी कण नीचे जमा होते हैं और निगेटिव चार्ज हो जाते हैं। जब पॉजिटिव और निगेटिव चार्ज अधिक हो जाता है तब उस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक डिस्चार्ज होता है। अधिकतर बिजली बादल में बनती है और वहीं खत्म हो जाती है, लेकिन कई बार यह धरती पर भी गिरती है। आकाशीय बिजली में लाखों-अरबों वोल्ट की ऊर्जा होती है। बिजली में अत्यधिक गर्मी के चलते तेज गरज होती है। बिजली आसमान से धरती पर 3 लाख किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गिरती है।