सैलानियों के लिए ATR का गेट हुआ बंद:लोग कोर एरिया में नहीं कर सकेंगे सफारी, एक अक्टूबर से फिर से शुरू होगा

मुंगेली5 महीने पहले
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अचानकमार टाइगर रिजर्व - Dainik Bhaskar
अचानकमार टाइगर रिजर्व

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व को सौलानियों के लिए बंद कर दिया गया है। लोग अब यहां 3 महीने तक कोर एरिया में सफारी नहीं कर सकेंगे। आम तौर पर लोग कोर एरिया में ही घूमना पसंद करते हैं। फिलहाल इसे हर साल की तरह इस साल भी मानसून के समय बंद कर दिया गया है।

टाइगर रिजर्व के गेट बंद करने की यह प्रक्रिया हर वर्ष मानसून के मौसम में की जाती है। जंगली जानवरों के लिए मानसून का समय प्रजनन काल का समय माना जाता है। ऐसे में इस दौरान जंगली जानवरों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके मद्देनजर रखते हुए जंगल के अंदर सफारी बंद कर दी जाती है।

ATR के डिप्टी डायरेक्टर सत्यदेव शर्मा ने बताया कि 30 जून की शाम से कोर एरिया में सफारी बंद कर दिया गया है। जो की 30 सितंबर तक बंद रहेगा। जिसके बाद 1 अक्टूबर से फिर से कोर एरिया की सफारी पर्यटकों के लिए शुरू कर दी जाएगी। हालांकि इस दौरान बफर एरिया की सफारी पहले की तरह चालू रहेगी।

2009 में बना था टाइगर रिजर्व

अचानकमार अभ्यारण्य की स्थापना 1975 में की गई थी। 2007 में इसे बायोस्फीयर घोषित किया गया और 2009 में बाघों की बढ़ती संख्या के चलते अचानकमार अभ्यारण्य को टाइगर रिजर्व क्षेत्र घोषित कर दिया गया था। अचानकमार टाइगर रिजर्व की गिनती देश के 39 टाइगर रिजर्व में होती है। यहां बाघ, तेंदुआ, गौर, उड़न गिलहरी, जंगली सुअर, बायसन, हिरण, भालू, लकड़बग्घा, सियार, चार सिंग वाले मृग, चिंकारा सहित बड़ी संख्या में जंगली जानवर हैंं। इतना ही नहीं मैकल पर्वत श्रृंखला पर 553.286 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में अचानकमार टाइगर रिजर्व फैला हुआ है । जहां जैव विविधता पाई जाती है। यहां 200 से भी अधिक विभिन्न प्रजातियों के पक्षी भी पाए जाते हैं।