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छत्तीसगढ़ में कोरोना:रायपुर में 689 समेत प्रदेश में 2665 मरीज, 60 साल से ऊपर को होम आइसोलेशन नहीं

रायपुर6 महीने पहले
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जशपुर में आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए इस तरह भीड़ लगाई जा रही है। - Dainik Bhaskar
जशपुर में आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए इस तरह भीड़ लगाई जा रही है।
  • स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा-हालात बेहद चिंताजनक

प्रदेश में पिछले 11 दिनों में 13283 व राजधानी में 3705 कोरोना के नए मरीज मिले हैं। एम्स में करीब 200, अंबेडकर में 70 व लालपुर में 45 मरीजों का इलाज चल रहा है। 16 निजी अस्पतालों में 280 मरीज भर्ती हैं। एम्स के आईसीयू में केवल एक बेड खाली है। वहीं अंबेडकर में जरूर 50 बेड खाली है। शुक्रवार को दोपहर बाद से ही प्राइवेट अस्पतालों से मरीजों को लौटाना शुरू कर दिया।

कुछ अस्पतालों ने तो वेटिंग लिस्ट बनानी शुरू कर दी है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने 60 साल या इससे अधिक उम्र वालों को होम आइसोलेशन की सुविधा नहीं देने का फैसला किया है। दूसरी ओर, प्रदेश में शुक्रवार को राजधानी में 689 समेत प्रदेश में 2665 कोरोना के नए मरीज मिले हैं। रायपुर में 1 समेत 5 मरीजों की मौत भी हुई है। पिछले 5 दिनों से दुर्ग में रायपुर से ज्यादा संक्रमित मिल रहे हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने हालात को चिंताजनक बताया है।

जो मरीज एक दो दिन घर पर रहकर दवाएं ले सकते हैं, उन्हें एक-दो दिन बाद का समय दिया जा रहा है। बिस्तर खाली होने पर उन्हें भर्ती लिया जाएगा। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में बिस्तर बढ़ाना शुरू कर दिया है। लालपुर का अस्पताल लगभग फुल होने की स्थिति में है।

एक-दो दिन में वहां सभी बेड भर जाएंगे। स्थिति को देखते हुए माना का अस्पताल शुरू करना पड़ गया है। वहां बेड बढ़ाए जा रहे हैं। अंबेडकर अस्पताल में भी दो दिन के भीतर 150 बेड बढ़ा दिए जाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार इसी रफ्तार से मरीज बढ़ते रहे तो वेंटीलेटर बेड एक हफ्ते में फुल हो सकते हैं। डाक्टरों का कहना है कि मरीज देरी से अस्पताल पहुंच रहे हैं। ऐसी दशा में ज्यादातर गंभीर स्थिति में रहते हैं। इसलिए उनका आईसीयू में इलाज किया जा रहा है।

प्रमुख अस्पतालों में भर्ती मरीज
अस्पतालकोरोना बेडमरीज
एम्स500195
अंबेडकर500114
लालपुर7050
नारायणा15049
बालाजी8031
रामकृष्ण3022
एमएमआई4420

11 दिन में 118 मौत
पिछले 11 दिनों में ही प्रदेश में 118 व रायपुर में 41 कोरोना मरीजों की मौत हो चुकी है। लगातार संक्रमित बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग को बेड बढ़ाने की जरूरत पड़ रही है। हालांकि केवल राजधानी में ही सरकारी, निजी अस्पतालों व कोरोना केयर सेंटरों को मिलाकर 5900 से ज्यादा बेड है।

सरकारी व निजी अस्पतालों में आईसीयू बेड 376, एचडीयू बेड 300 व ऑक्सीजन वाले 1000 से ज्यादा बेड है। बाकी आइसोलेशन बेड है, जहां हल्के लक्षण वालों को भर्ती की सुविधा है। अंबेडकर अस्पताल में 500 बेड की क्षमता है, लेकिन अभी 350 बेड को मरीजों के भर्ती लायक बनाया जा रहा है।

राजधानी में बेड

  • 3 सरकारी अस्पतालों में - 1150
  • 34 निजी अस्पतालों में - 1500
  • 14 कोरोना सेंटरों में - 3150

नाइट कर्फ्यू या हर रविवार को लॉकडाउन पर विचार कर सकती है सरकार
कोरोना की दूसरी लहर लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रायपुर समेत प्रदेश के सात जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। संक्रमित मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। रायपुर जिले में बढ़ते मरीजों को देखते हुए जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे रविवार को जिले के प्रमुख अफसरों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा करेंगे।

जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। रायपुर के अलावा, दुर्ग, मुंगेली समेत सात जिलों में हालात ज्यादा बिगड़ रहे हैं। चौबे ने कहा कि रायपुर जिले के बिगड़ते हालात को देखते हुए रविवार को अफसरों के साथ बैठककर मामले की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि कलेक्टर द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन किस तरह हो रहा है यदि नहीं हो रहा है तो किस तरह सख्ती की जा सकती है इस संबंध में बातचीत की जाएगी।

सीएम के लौटने के बाद होगी बैठक
सरकार के प्रवक्ता रविन्द्र चौबे ने कहा कि रायपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में भी कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है इसलिए इसे ध्यान में रखते हुए सीएम के राजधानी लौटने के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन या नाइट कर्फ्यू को लेकर सीएम के आने के बाद ही कोई निर्णय हो पाएगा।

11 दिनों में 13283 मरीज
"अभी देरी से मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में पर्याप्त बेड है। केवल 1 से 2 फीसदी को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ रही है। मरीज बढ़ रहे हैं इसलिए जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है।"
-डॉ. आरके पंडा, सदस्य कोरोना कोर कमेटी

"कोरोना की दूसरी लहर में ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। रायपुर के अलावा दूसरे जिलों से भी मरीज पहुंच रहे हैं। इस वजह से आईसीयू में प्रेशर बढ़ गया है और लगातार बेड फुल चल रहे हैं।"
-डा. नितिन एम. नागरकर, एम्स डायरेक्टर

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