पुल 4 साल पहले जहां रुका, अब भी वहीं:राजधानी के 4 बड़े ओवरब्रिज-फोरलेन प्रोजेक्ट रुके, ठेकेदारों को तारीख पे तारीख

रायपुर9 महीने पहलेलेखक: अमनेश दुबे
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  • सभी प्रोजेक्ट कुल 112 करोड़, पीडब्ल्यूडी के पास सिर्फ अल्टीमेटम

राजधानी में सरकारी एजेंसियों ने पांच साल पहले, 2016 में ऐसी 13 जगहें चुनी थीं, जहां ओवरब्रिज-अंडरब्रिज और फोरलेन सड़कें बनाने से बड़ी आबादी को सहूलियत मिलती। सालभर के भीतर यानी 2017 में यहां टेंडर वगैरह फाइनल करके काम शुरू किया गया। बाकी प्रोजेक्ट तो थोड़ी-बहुत लेटलतीफी के साथ पूरे हो गए, लेकिन चार प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनमें काम शुरू होने के कुछ हफ्ते या महीने बाद इस तरह रुका कि अब तक ठीक से शुरू नहीं हुआ है।

यह सारे प्रोजेक्ट डेढ़ साल यानी मई-जून 2018 में (विधानसभा चुनाव से पहले) पूरे होने जाने थे। लेकिन अधिकांश जगह ठेकेदारों ने काम रोक दिया और पीडब्ल्यूडी महकमा पिछले चार साल में इन ठेकेदारों को नोटिस और चेतावनी देने के अलावा कुछ नहीं कर पाया है। इनमें पुराने लालपुर के पास केनाल रोड और जगदलपुर नेशनल हाईवे को क्राॅस करता हुअा फ्लाईओवर, बिलासपुर रोड पर डीआरएम मुख्यालय के पास फोरलेन अंडरब्रिज, डूमरतराई से माना तक फोरलेन सड़क और गोगांव क्रासिंग का अंडरब्रिज शामिल है। ये करीब 112 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट हैं, जिनके पहले ठेकेदारों ने काम या तो बीच में छोड़ दिया, या फिर अपने संसाधन दूसरे प्रोजेक्ट में लगा दिए।

बजट 36 से बढ़ाकर 42 करोड़, सिर्फ 9 माह में बनाने का था एग्रीमेंट
लालपुर के पास केनाल रोड फ्लाईओवर का वर्क आर्डर फरवरी-2017 में जारी किया गया। निर्माण एजेंसी के साथ सिर्फ 9 माह में पुल बनाने का अनुबंध था। एजेंसी ने आर्थिक कारणों से अक्टूबर-नवंबर में काम बंद कर दिया। लागत बढ़वाकर 36 से 42 करोड़ रुपए करवाई। लेकिन कुछ पिलर खड़े करने के बाद से काम करीब 3 साल पूरी तरह बंद रहा। अब सरकार ने एजेंसी से उसी लागत पर दोबारा काम शुरू करवाया है।

अंडरब्रिज का खोखा बिठाकर छोड़ दिया, यह तीन साल डूबा रहा
डीआरएम मुख्यालय के पास फाफाडीह रेलवे क्रॉसिंग पर शहर के पहले फोरलेन अंडरब्रिज का काम 2017 में शुरू हुआ, अक्टूबर में पटरी के किनारे बड़े बाॅक्स बना दिए गए और फिर काम बंद हो गया। सवा 3 साल तक पूरा ढांचा डूबा रहा, क्योंकि अंडरब्रिज के लिए 20 फीट गड्ढा खोदा गया था। करीब 32 कराेड़ की लागत के इस अंडरब्रिज का काम महीनेभर पहले उसी निर्माण एजेंसी से फिर शुरू करवाया गया है।
रोज सवा लाख वाहनों का ब्रिज : इस अंडरब्रिज से शहर से बिलासपुर जाने-आने वाले ट्रैफिक को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि हर 10 मिनट में फाटक बंद हो रही है। बेहद व्यस्त सड़क से रोजाना 1.20 लाख से ज्यादा वाहन गुजर रहे हैं।

डूमरतराई-माना एयरपोर्ट फोरलेन का हो रहा अब तक इंतजार
डूमरतराई से माना एयरपोर्ट की 7 किमी लंबी सड़क का काम भी 2016 में शुरू हुआ था। यह सिंगल सड़क थी, जिसमें से करीब 3 किमी फोरलेन बन गई और 2018 में काम बंद हो गया। जितना काम बाकी है, उसमें मुश्किल से 7-8 माह का वक्त लगता। निर्माण एजेंसी ने ठेका तो ले लिया था, लेकिन संसाधन नहीं होने के कारण काम रुका। अमानत राशि जब्त करने की चेतावनी के बाद काम फिर चालू हुआ है।
बसाहट बढ़ाने के लिए जरूरी : इस सड़क से कमल विहार जैसे बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट को माना एयरपोर्ट व नवा रायपुर से जोड़ा जा सकता है। नए व पुराने शहर के बीच बसाहट लाने में आसानी होगी। लोगों को नई सड़क का विकल्प मिल सकेगा।

गोगांव ब्रिज रुका क्योंकि ठेकेदार के पास तकनीक ही नहीं थी
शहर के आउटर को जोड़ने के लिए गाेगांव रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरब्रिज बनाने का प्रस्ताव 2016 में लाया गया। निर्माण एजेंसी को डेढ़ साल में निर्माण पूरा करने कहा गया। लेकिन पांच महीने तक काम करने के बाद ठेकेदार ने काम रोक दिया। पीडब्लूडी को सालभर पहले पता चला कि ठेकेदार के पास पटरी के नीचे बाॅक्स डालने की तकनीक ही नहीं थी। अब पीडब्लूडी ने दूसरी एजेंसी को साथ में लगाया है।
दो लाख लोगों की सुविधा : गोगांव अंडरब्रिज दरअसल रिंगरोड के उस पार शहर के आउटर और इस पार गुढ़ियारी और लगे बेहद घने रिहायशी इलाके को जोड़ने का बड़ा लिंक है। आउटर के दो लाख लोग बिना बाधा के राजधानी पहुंच सकेंगे।

ठेका रद्द करना था पर कुछ नहीं किया
पीडब्लूडी की नियमावली की कंडिका-3 में साफ है कि अगर ठेकेदार तय सीमा पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं करता, तो टेंडर रद्द किया जा सकता है। यही नहीं, जमा की गई अमानत राशि को भी राजसात किया जा सकता है। लेकिन पीडब्लूडी ने इनमें से किसी प्रोजेक्ट के लिए न तो ठेकेदार पर कार्रवाई की और न ही किसी की अमानत राशि राजसात की गई।

सीधी बात
बीएस बघेल, चीफ इंजीनियर

अल्टीमेटम दिया है, सभी को जल्दी पूरा करवा देंगे
सवाल - शहर के 4 बड़े प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं। आखिर किसकी जिम्मेदारी है?
- इन्हें जल्दी ही पूरा कर देंगे। आप देखिए, सभी को पूरा करने की पहल शुरू कर दी है।
सवाल - आपराधिक देरी की गई है। इसके लिए जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई?
- सभी निर्माण एजेंसियों को अल्टीमेटम दे दिया है। सारे प्रोजेक्ट जल्दी पूरा करवा देंगे।

संदीप आनंद, एमडी-जीएस एक्सप्रेस
डिजाइन और संसाधन की दिक्कत, गलती सुधार रहे

सवाल - आपकी कंपनी के 3 प्रोजेक्ट लेट हैं। शहर आपके कारण परेशान है?
- डिजाइन में कुछ दिक्कतें थीं। कहीं संसाधनों की भी कमी हुई। इस गलती को तेजी से सुधार रहे हैं।
सवाल - ठेकेदार को सजा मिलनी थी, जो नहीं मिली। गलती कैसे सुधारेंगे?
- हर नोटिस का तथ्यों के साथ जवाब दिया, इसलिए मोहलत मिली है। तीनों प्रोजेक्ट जल्द पूरा करेंगे।

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