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महासमुंद जेल ब्रेक:30 घंटे के भीतर पकड़े गए पांचों फरार कैदी, लापरवाही करने वाले चार अफसर निलंबित; IG ने जांच टीम को 30 हजार का कैश प्राइज देने का किया एलान

महासमुंदएक महीने पहले
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कैदियों के भागने की ये तस्वीर महासमुंद जेल अंदर लगे CCTV में कैद हुई थी। - Dainik Bhaskar
कैदियों के भागने की ये तस्वीर महासमुंद जेल अंदर लगे CCTV में कैद हुई थी।
  • ASP बोलीं-गार्ड के न होने का फायदा उठाया बंदियों ने

छत्तीसगढ़ के महासमुंंद जेल से भागने वाले 5 के 5 फरार कैदी अब पकड़ लिए गए हैं। इनसे पुलिस अब पूरे कांड के बारे में पूछताछ कर रही है। एक बदमाश को तुमगांव और दो को कोमाखान के पास से पकड़ा गया है। ये जेल से भागकर करीब 10 किलोमीटर के इलाके में छिपते फिर रहे थे। पुलिस की अलग-अलग टीमें इन्हें तलाश रही थीं। गुरुवार की दोपहर ये बेमचा इलाके में बनी जिला जेल से दीवार फांदकर फरार हो गए थे। इस मामले में जेल के एक मुख्य प्रहरी और तीन अन्य प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है।

30 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद अलग-अलग इलाकों से इन बदमाशों को पकड़ने में जिले की पुलिस कामयाब रही। SP प्रफुल्ल ठाकुर की टीम को आईजी आनंद छाबड़ा ने इस मिशन की कामयाबी के लिए 30 हजार रुपए का कैश प्राइज देने का एलान किया है। दोपहर तक इस केस के 4 बदमाशों को पकड़ लिया गया था। शुक्रवार की रात खल्लारी इलाके से फरार चल रहे कैदी धनसाय को भी पकड़ लिया गया। इससे पहले कोमाखान इलाके से करण और दौलत, पटेवा से राहुल, और बेमचा इलाके से डमरूधर को पकड़ लिया गया है।

लापरवाही करने वाले चार प्रहरियों पर गिरी गाज
इधर, मामले में जेल प्रशासन ने देर रात ही चार प्रहरियों को निलंबित कर दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार निलंबन की कार्रवाई प्रहरी भरत राम सेन, गणेश राम और सुखीराम कोसले के साथ ही मुख्य प्रहरी राजकुमार त्रिपाठी पर की गई है। घटना के वक्त भरत राम सेन की ड्यूटी बैरक नंबर 5-6, गणेश राम की ड्यूटी बैरक नंबर 7-8-9 पर और सुखीराम कोसले की ड्यूटी दीवार के पास थी।

इस जुगाड़ का इस्तेमाल किया गया जेल से भागने में, कामयाब भी हुए।
इस जुगाड़ का इस्तेमाल किया गया जेल से भागने में, कामयाब भी हुए।

जहां गार्ड को ड्यूटी देनी थी वहां वो नहीं था, बैरक से बाहर कैसे आए कैदी
इस पूरे मामले में जांच कर रही ASP मेघा टेंभुरकर ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजकर 30 मिनट के आस-पास की इस घटना में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। अब तक हुई जांच में ये बात सामने आई है कि जिस जगह पर गार्ड की ड्यूटी होनी थी वहां पर वो था ही नहीं। करीब आधे घंटे तक दीवार पर कंबल से रस्सी बनाकर कैदी भागने का प्रयास करते रहे, मगर किसी की नजर इन पर नहीं पड़ी थी।

इसी मौके का फायदा उठाकर वो भाग गए थे। दूसरी सबसे बड़ी बात कि जिस वक्त ये कांड हुआ बैरक से बाहर कैदियों के आने का सवाल ही पैदा नहीं होता। क्योंकि उस समय किसी को बाहर नहीं रखा जाता तो ये बाहर कैसे थे, हम इन सभी एंगल पर पड़ताल कर रहे हैं।

घटना स्थल पर SP प्रफुल्ल ठाकुर खुद पहुंचकर जायजा लेते रहे।
घटना स्थल पर SP प्रफुल्ल ठाकुर खुद पहुंचकर जायजा लेते रहे।

ये कैदी हुए थे फरार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भागे हुए कैदी में शामिल 33 साल का धनसाय, 24 साल का डमरूधर और 22 साल का राहुल लूट के आरोपी हैं। महासमुंद में ही इन्होंने एक वारदात को अंजाम दिया था साल 2019 से ये इसी जेल में थे। इनमें से राहुल यूपी का रहने वाला है और अन्य दो महासमुंद के ही निवासी हैं। 23 साल के दौलत को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 21 साल का करण नशीली चीजें रखने के मामले में पकड़ा गया था, ये दोनों भी महासमुंद के ही रहने वाले हैं। पांचों ने कंबल की एक लंबी रस्सी बनाई, इसके आगे लोहे की रॉड से एंगल बनाकर उसे 21 फीट ऊंची दीवार पर फंसाया और इसी के सहारे दीवार फांदकर बाहर चले गए।