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नक्सलियों का प्रोपगैंडा वार:सहानुभूति के लिए पर्चा जारी कर कहा- नक्सलगढ़ में हुई एयरस्ट्राइक, CRPF ने किया इनकार

​​​​​​​बीजापुर2 महीने पहले
नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के प्रवक्ता ने दावा किया कि सुरक्षा बलों ने 19 अप्रैल को एयर स्ट्राइक की।

बीजापुर नक्सल अटैक के 18 दिन बाद सुरक्षा बलों की तरफ से नक्सली इलाके में एयर स्ट्राइक की खबर है। बताया जा रहा है कि सुरक्षा बलों ने बीजापुर में ड्रोन से 12 बम गिराए हैं। नक्सलियों ने ब्लास्ट के बाद जमीन में हुए गड्ढों की तस्वीरें जारी की हैं।

ये तस्वीरें बीजापुर में 4 अप्रैल को हुए नक्सली हमले के 15 दिन बाद जारी की गई हैं। इस हमले में सुरक्षा बलों के 22 जवान शहीद हो गए थे। हालांकि, पुलिस विभाग की ओर से ऐसी किसी भी एयरस्ट्राइक की बात नहीं कही गई है। CRPF ने भी एयरस्ट्राइक की बात नकारी है। उन्होंने कहा कि नक्सली लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए ये हथकंडा अपना रहे हैं।

नक्सली बोले- ठिकाना बदला इसलिए नहीं हुआ नुकसान

नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी किया है। इसके साथ एयर स्ट्राइक से हुए नुकसान की फोटो भी दी गई हैं।
नक्सलियों ने प्रेस नोट जारी किया है। इसके साथ एयर स्ट्राइक से हुए नुकसान की फोटो भी दी गई हैं।

नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के प्रवक्ता विकल्प ने प्रेस नोट जारी कर एयर स्ट्राइक का दावा किया है। उसने कहा कि 19 अप्रैल को हेलिकॉप्टर और ड्रोन से बम गिराए गए। हेलिकाप्टर देख नक्सलियों ने अपना ठिकाना बदल लिया और इस वजह से उनको नुकसान नहीं हुआ है। नक्सलियों के मुताबिक, यह हमला पामेड़ क्षेत्र के बोत्तालंका और पाला गुडेम गांव में किया गया।

नक्सलियों के मुताबिक, यह हमला पामेड़ क्षेत्र के बोत्तालंका और पाला गुडेम गांव में किया गया।
नक्सलियों के मुताबिक, यह हमला पामेड़ क्षेत्र के बोत्तालंका और पाला गुडेम गांव में किया गया।

एरियल अटैक पर एक्सपर्ट बोले- उस इलाके में ये संभव नहीं
आंतरिक सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, बीजापुर के नक्सली इलाके में जंगल इतने घने हैं कि वहां एयर स्ट्राइक नहीं हो सकती है। एरियल अटैक न कर पाने की एक और वजह है कि टारगेट आइडेंटिफाई कर पाना मुश्किल है। इस इलाके में जो खुली जगहें हैं, वहां पर गांव वाले और आदिवासी बसे हुए हैं। अगर एरियल अटैक किया जाता है तो उन्हें भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।

तर्रेम हमले के बाद गृहमंत्री शाह ने कहा था- जड़ से खत्म करेंगे नक्सलवाद
बीजापुर के तर्रेम में हुई नक्सली मुठभेड़ के दौरान 22 जवान शहीद हो गए थे। इसके अगले दिन गृहमंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे। उन्होंने बस्तर में कहा था, जवानों का यह सर्वोच्च बलिदान है। उनके इस शौर्य ने इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ पर पहुंचा दिया है। अब हम इसे अंजाम तक लेकर जाएंगे। नक्सली भी गृहमंत्री की इसी चेतावनी का जिक्र कर रहे हैं। IG बस्तर पी. सुंदरराज ने ऐसे किसी भी हमले से इनकार किया है।

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