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घर से नाराज होकर भागा किशोर:मां-बाप की मौत को झूठी कहानी सुनाकर ट्रक से पहुंचा महाराष्ट्र, रात को उन्हीं की याद आई तो रोते हुए बताई सच्चाई; छत्तीसगढ़ लेकर पहुंची पुलिस

मुंगेली3 महीने पहले
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नाबालिग 4 जुलाई की सुबह से ही घर से निकल गया था। बाद में उसके पिता ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। - Dainik Bhaskar
नाबालिग 4 जुलाई की सुबह से ही घर से निकल गया था। बाद में उसके पिता ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी।

आज कल बच्चों काे डांटना कितना खतरनाक हो सकता है, इसकी बानगी छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में देखने को मिली। यहां एक 16 साल का किशोर यश साहू घर में किसी बात को लेकर नाराज हो गया और घर छोड़कर ही भाग निकला। लेकिन घर छोड़कर जाने के लिए जो उसने तरकीब निकाली, वो हैरान कर देने वाली है।

दरअसल, उसने ट्रक ड्राइवर को अपने माता-पिता की मौत की झूठी कहानी सुनाई और फिर ड्राइवर के साथ महाराष्ट्र पहुंच गया। इसके बाद रात होते ही यश को मम्मी-पापा की याद आने लगी और रोने लगा। तब जाकर पूरे मामले की सच्चाई सामने आई, फिर ड्राइवर की मदद से यश को मुंगेली जिले की सरगांव पुलिस मंगलवार शाम को महाराष्ट्र के भंडारा से वापस सुरक्षित लेकर आई है, जिसके बाद यश के मां-बाप ने भी राहत की सांस ली है।

सुबह से वापस नहीं लौटा

4 जुलाई को यश के पिता कृष्ण कुमार साहू नें सरगांव थाना पहुंचकर पुलिस को बताया कि उसका बड़ा लड़का यश साहू सुबह से घर वापस नहीं लौटा। कृष्ण कुमार ने यह भी बताया कि उसके पास किसी व्यक्ति का अनजान नंबर से फोन आ रहा है। फोन करने वाला खुद को ट्रक ड्राइवर बताते हुए बच्चे को खुद के पास होने की जानकारी दे रहा है। वहीं फोन करने वाला व्यक्ति महाराष्ट्र के भंड़ारा में होने की बात कह रहा है। यह सब सुनकर पुलिस भी हैरान थी।

टीआई ने ड्राइवर से किया संपर्क

इधर, यश के परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर सरगांव थाना प्रभारी केसर पराग ने उस ट्रक ड्राइवर को फोन किया। फोन पर केसर पराग ने ड्राइवर को कहा कि बच्चे को नजदीक के किसी थाने में छोड़ दें। जिस पर ट्रक ड्राइवर नें बच्चे को भंडारा के लाखनी थाना पहुंचकर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस बच्चे के माता-पिता के साथ महाराष्ट्र के भंडारा रवाना हो गई। जहां पहुंचने पर महाराष्ट्र पुलिस ने यश को उसके माता-पिता के पास सौंप दिया। यहां अपने बच्चे को देख उसके माता-पिता के आंखों में भी आंसू आ गए।

ड्राइवर से बोला-मुझे हेल्पर बना लो

वहीं, जब पूरे मामले में बच्चे से पूछताछ की गई तो पता चला की यश घर से किसी बात से नाराज होकर निकल गया था। इस दौरान उसकी मुलाकात ट्रक ड्राइवर से हो गई। जिस पर बच्चे ने हेल्परी का काम करने और खुद के माता-पिता नहीं होने की बात कहकर ट्रक ड्राइवर के साथ महाराष्ट्र निकल गया।

फिर ड्राइवर ने मां-बाप से कराई बात

लेकिन रात होने पर जैसे ही उसे माता-पिता की याद आई तो वो रोने लगा। फिर बच्चे ने ट्रक ड्राइवर को सच्चाई बताई और माता पिता के जिंदा होने की बात कही। इस पर ट्रक ड्राइवर नें संवेदनशीलता का परिचय देते हुए ना सिर्फ बच्चे के परिजनों से बच्चे की बात कराई, बल्कि उसे सकुशल थाना भी छोड़ दिया।

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