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  • Bathing Before Sunrise In Kankali, The Tradition Of Offering Pulses In Sheetla… Recognition By Doing This, Skin Disease Is Cured.

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आज 6वां दिन कात्यायनी का:कंकाली में सूर्योदय से पूर्व स्नान तो शीतला में दाल चढ़ाने की परंपरा, मान्यता- ऐसा करने से ठीक होता है चर्म रोग

रायपुरएक महीने पहले
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कंकाली तालाब मंदिर।

शहर में वैसे तो दर्जनों देवी मंदिर हैं। सबकी अपनी खासियत है। कोई तांत्रिक विधि से बना है तो कहीं राजा-रजवाड़ाें के दौर की प्राचीन प्रतिमाएं हैं। इनमें 2 मंदिर ऐसे भी हैं जहां लोग चर्म रोग के लिए इलाज के लिए जाते हैं। भक्तों का दावा है कि दरबार में जाने से उनकी बीमारी ठीक हुई है। इनमें पहला है कंकाली माता का दरबार। मंदिर के ठीक सामने तालाब है जिसे लेकर मान्यता है कि इसमें नहाने मात्र से चर्म रोग ठीक हो जाता है। परंपरा के मुताबिक जिन्हें यह बीमारी है उन्हें सूर्योदय से पूर्व कंकाली तालाब में स्नान करना होता है। दरअसल, तालाब के बीचोंबीच शिवजी का मंदिर है। सैकड़ों सालों से यह तालाब में डूबा हुआ है। भगवान हमेशा पानी के अंदर रहते हैं और इसी वजह से तालाब का पानी शुद्ध रहता है और इसमें स्नान करने वालों की बीमारी भी ठीक हो जाती है।

शीतला मंदिर... माता होने पर मां को चढ़ाते हैं चना-दाल
पुरानी बस्ती में शीतला माता का करीब 4 सौ साल पुराना मंदिर है। यहां भी बहुत से भक्त चर्म रोग के इलाज के लिए आते हैं। महामाया मंदिर के पुजारी पं. मनोज शुक्ला बताते हैं कि छोटी या बड़ी माता होने पर लोग शीतला मंदिर आकर माता को दही, चना-दाल चढ़ाते हैं। इनके अलावा मंदिर के पीछे विराजीं खजूरिया माता को भी ये सामग्रियां चढ़ाई जाती हैं। मान्यता है कि इससे माता शांत होती है और व्यक्ति को राहत मिलती है। चर्म रोग होने पर यहां माता को भोग चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है।

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