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भिलाई में भीषण हादसा:डामर फैक्ट्री में लगी आग के बाद तेज धमाके; 5 किमी दूर से दिखी लपटें और काला धुआं, दो JCB जलकर खाक

भिलाई7 महीने पहले
छत्तीसगढ़ के भिलाई में गुरुवार दोपहर एक डामर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई है।
  • जामुल क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में स्थित है फैक्ट्री, डामर के टैबलेट बनाती है
  • फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां दो घंटे से आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटीं

छावनी बस्ती स्थित औद्योगिक क्षेत्र में गुरुवार की दोपहर करीब सवा 1 बजे पंकज पोरवाल की उत्कल हाइड्रोकार्बन्स नाम की कैमिकल फैक्ट्री के डामर बनाने वाली यूनिट में आग लग गई। आग लगने की वजह शार्ट सर्किट को बताया जा रहा है, लेकिन इस आग पर काबू पाने के लिए 6 घंटे से अधिक समय तक मशक्कत करनी पड़ी। औद्योगिक क्षेत्र में हुई इतनी बड़ी घटना से आसपास का पूरा क्षेत्र सहम गया। मौके पर लोगों ने 5 बार ब्लॉस्ट की आवाजें सुनीं। 5 किलोमीटर तक उठते धुएं के गुबार को देखा गया। इतना ही आग को नियंत्रित करने के लिए 50 से अधिक टैंकर पानी और 5 सौ किलो फोम का उपयोग हुआ। घटना के बाद भिलाई निगम के एमआईसी लक्ष्मीपति राजू मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली। साथ ही आग बुझाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

  • 50 टैंक पानी और 500 सौ लीटर फोम से आग पर काबू पाया
  • 25 से अधिक दमकल कर्मी व 24 पुलिस जवान ने लगे रहे।
  • 06 घंटे लगे, रात में भी सुलगते रही घटना स्थल पर आग।
  • 50 से अधिक कर्मचारी हर समय रहते हैं फैक्ट्री में।
  • 05 किलोमीटर तक उठते धुएं के गुबार को देखा गया।
करीब 2 घंटे से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।
करीब 2 घंटे से आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।

फायर ब्रिगेड व पुलिस की टीम डटी रही, काबू पाने में शाम के सात बज गए

  • 1.15 बजे फैक्ट्री में आग लगने के बाद फैक्ट्री के लोग व घरों में रहने वाले सड़क पर आ गए।
  • 1.35 बजे दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुँची। दमकल कर्मी आग बुझाने में जुट गए
  • पौने 2 बजे टैंकर का पानी खत्म हो गया। इसके बाद 10-10 मिनट के अंतराल में टैंकर पहुंचे।
  • 2.20 मिनट पर एक और फायर फाइटर और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गई।
  • 3 बजे तक आग के नजदीक पहुंचे, 4.30 बजे तक आग बुझाने की कोशिश होते रही।
  • शाम करीब 7 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। लेकिन आग सुलगती रही।

फैक्ट्री में उपाय पर्याप्त नहीं थे.. ऐसी घटनाओं के लिए मॉकड्रिल भी नहीं होती
आग लगने के बाद करीब 5 बार बड़े धमाके हुए, इसके बाद उठा धुआं करीब 5 किलोमीटर दूर तक देखा गया। मौके पर जहां आग बुझाने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे। जब तक पुलिस व फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच पाती, आग की लपटें फैल चुकी थी। घटना स्थल पर पर्याप्त फायर ब्रिगेड गाड़ियां भी नहीं पहुंच पाई। शुरुआत में केवल दो वाहन के भरोसे ही आग बुझाने का प्रयास किया गया। बाद में आसपास की अन्य जगहों पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां व पानी की टैंकरों को बुलाया गया। ये आग बढ़ने की बड़ी वजह रही।

दो जेसीबी जलकर खाक टीन शेड के परखच्चे उड़ गए
आग की लपटों की चपेट में आने से यूनिट के समीप खड़ी दो जेसीबी दस मिनट में जलकर खाक हो गई। इसी तरह यूनिट के पास बने टीन शेड को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के लिए फैक्टरी के कर्मचारी समेत दमकलकर्मी लगातार डटे रहे। पुलिस के मुताबिक फैक्टरी में आग भीषण आग बुझाने के लिए कोई सयंत्र नहीं था। डामर के एक कंटेनर के पास छोटा का एक आग बुझाने के लिए यंत्र टंगा हुआ था। जिससे महज छोटी सी आग पर ही काबू पाया जा सकता था। फैक्टरी में आग लगी थी, उसके आस पास 50 से अधिक फैक्ट्रियां हैं।

कारण पता नहीं, लेकिन जांच होगी
"कैमिकल फैक्टरी है बड़ी मात्रा में कैमिकल रखा हुआ था। अनुमान है कि शार्ट सर्किट से आग लगी होगी। आग पर काबू पा लिया गया है। जल्दी पूरी घटना को लेकर रिपोर्ट तैयार होगी। इससे बाद संभवत: आग लगने का वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा।"
-केके द्विवेदी, डिप्टी डायरेक्टर, इंडस्ट्री हेल्थ एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट दुर्ग

संचालक ने नहीं हुई अभी पूछताछ
"आग पर काबू पा लिया गया है। लेकिन अब भी आग पूरी तरह आग नहीं बुझ पाई है। इस वजह से फैक्टरी के संचालक और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ नहीं हो पाई है। शंका है कि शार्ट सर्किट से आग लगी होगी।"
-धरम मंडावी, एसआई जामुल थाना