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सवालों के घेरे में एक और मुठभेड़:मां बोली- गाय चराने गए बेटे की फायरिंग में हुई मौत, पुलिस ने नक्सली मुठभेड़ बताया; हाईकोर्ट ने 4 सप्ताह में सरकार से मांगा जवाब

​​​​​​​बीजापुर3 महीने पहले
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समारू की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एनकाउंटर को फर्जी  बताया है। - Dainik Bhaskar
समारू की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एनकाउंटर को फर्जी  बताया है।

छत्तीसगढ़ में एक और नक्सली मुठभेड़ सवालों के घेरे में आ गई है। अब बीजापुर के करका गांव में पुलिस फायरिंग में मारे गए युवक की मां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका दायर कर कहा है कि बेटा गाय चराने के लिए गया था। पुलिस ने नक्सली मुठभेड़ बताकर मार दिया। यह फर्जी एनकाउंटर है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।

4 ग्रामीण गए थे गाय चराने, जो घायल हुए और भाग गए उन्हें निर्दोष बताया
फायरिंग में मारे गए युवक की मां सोडमी मड़कम की ओर से दायर की गई याचिका में कहा गया है कि करका गांव में उसके बेटे सहित 4 ग्रामीण गाय चराने के लिए गए थे। आरोप है कि पुलिस ने चारों चरवाहों के ऊपर फायरिंग कर दी। इसमें समारू मड़कम की मौके पर मौत हो गई। एक युवक के पैर में गोली लगी और दो अन्य भाग गए। इसके पैर में गोली लगी और भागने वालों को छोड़ पुलिस ने समारू मड़कम को नक्सली घोषित कर दिया।

याचिका में दोषियों पर FIR दर्ज करने, CBI जांच कराने की मांग
समारू की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एनकाउंटर को फर्जी बताया है। याचिका में कहा गया है कि दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाए। साथ ही घटना की CBI जांच कराने की भी मांग की गई है। हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की सुनवाई जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की एकलपीठ में हुई।

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