पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

छत्तीसगढ़ में नहीं थम रहा लाल आतंक:बीजापुर में नक्सलियों ने DRG के SI का अपहरण किया; डेढ़ महीने की छुट्‌टी के दौरान पालनार मेले में शामिल होने गया था

बीजापुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
SI मुरली ताती जगदलपुर स्थित पुलिस लाइन में पदस्थ था और करीब डेढ़ महीने से छुट्‌टी पर चल रहा था।- फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
SI मुरली ताती जगदलपुर स्थित पुलिस लाइन में पदस्थ था और करीब डेढ़ महीने से छुट्‌टी पर चल रहा था।- फाइल फोटो।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों ने एक बार फिर एक जवान का अपहरण कर लिया है। अगवा किया गया जवान मुरली ताती उपनिरीक्षक (SI) है। बताया जा रहा है कि वह बुधवार को पालनार मेले में शामिल होने के लिए पहुंचा था। फिलहाल इस संबंध में अभी तक आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। मामला गंगालूर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, डिस्ट्रीक्ट रिजर्व ग्रुप (DRG) SI मुरली ताती जगदलपुर स्थित पुलिस लाइन में पदस्थ था और करीब डेढ़ महीने से छुट्‌टी पर चल रहा था। वह बुधवार को गंगालूर क्षेत्र के पालनार में मेले में शामिल होने पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वहीं से शाम करीब 4 बजे नक्सली उसे अगवा कर ले गए। करीब दो साल पहले ही जवान का ASI से प्रमोशन हुआ था। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

3 अप्रैल को अगवा हुए थे जवान राकेश्वर सिंह

इससे पहले 3 अप्रैल को जोनागुड़ा में फोर्स और नक्सलियों की मुठभेड़ के बाद CRPF जवान राकेश्वर सिंह को नक्सलियों ने बंधक बना लिया था। 6 अप्रैल को नक्सलियों के बताए जाने के बाद पद्मश्री धर्मपाल सैनी, माता रुक्मणी आश्रम जगदलपुर, गोंडवाना समन्वय समिति अध्यक्ष तेलम बोरैया, सहित पत्रकारों के सहयोग से अपहृत जवान को 8 अप्रैल को मुक्त कराया गया।

फिर मितानिन ट्रेनर सहित 3 महिलाओं को किया अगवा

इसके बाद 8 अप्रैल की देर रात बीजापुर में मितानिन ट्रेनर सहित 3 महिलाओं का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था। महिलाओं को बांधकर नक्सली अपने साथ ले गए थे। नक्सली अपने साथ मितानिन मास्टर ट्रेनर शारदा के हाथ बांधकर ले गए थे। उनके साथ दो अन्य महिलाएं भी थीं। हालांकि, इसके अगले दिन नक्सलियों ने तीनों महिलाओं को छोड़ दिया था।

नक्सलियों के निशाने पर DRG

नक्सलियों ने पहले भी अपने बयानों, पर्चों में DRG में शामिल जवानों को फोर्स छोड़ देने के लिए कहा है। दरअसल, इस ग्रुप में बस्तर के जिलों के ही युवकों को शामिल किया जाता है। ये स्थानीय युवक वहां की भौगोलिक परिस्थितियों से परिचित होने और गांव में पहचान होने के कारण नक्सलियों के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं। कई मुठभेड़ में DRG ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ है। नक्सली चाहते हैं कि युवा उनके साथ जुड़ें, पुलिस के साथ नहीं। DRG के इस SI का अपहरण भी नक्सलियों ने इस ग्रुप में शामिल दूसरे जवानों को संदेश देने के लिए किया होगा।

खबरें और भी हैं...