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हौसले के सामने बीमारी क्या चीज है:32 साल की निधी डेढ़ माह से संक्रमण और लंग्स इंफेक्शन से जूझ रही; लेकिन BEd करने के लिए अब ऑक्सीजन सपोर्ट पर 3 घंटे लिखती हैं आंसरशीट

रायपुर/ चंदन मिश्रा3 महीने पहले
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निधी इन दिनों ऑक्सीजन सपोर्ट पर होने के बावजूद अपनी परीक्षाएं अस्पताल से ही दे रही हैं। - Dainik Bhaskar
निधी इन दिनों ऑक्सीजन सपोर्ट पर होने के बावजूद अपनी परीक्षाएं अस्पताल से ही दे रही हैं।

छत्तीसगढ़ में कोरोना की भयावह स्थिति को शायद ही यहां के लोग भूल पाएंगे। एक के बाद एक डरा देने वाली तस्वीर ने सबको परेशान कर रखा था। लेकिन इस बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसके हौसले के सामने कोरोना बीमारी भी घुटने टेक रही है। ये तस्वीर है रायपुर की रहने वाली 32 साल की निधी डोंगरे की, जो पिछले डेढ़ महीने से कोरोना, फिर लंग्स इंफेक्शन और ऑक्सीजन की कमी के चलते अब भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। इसके बावजूद निधी अपनी B.Ed की परीक्षा अस्पताल से दे रही हैं। निधी को कोरोना के बाद शरीर में काफी वीकनेस है, वो ठीक से बोल नहीं पा रहीं, फिर भी वो इन दिनों रोज 3 घंटे आंसर शीट लिख रही हैं। कुछ समय पहले निधी का ऑक्सीजन लेवल घट कर 44 तक पहुंच गया था।

निधी चोला मंडल कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में काम करती हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद से कानून की पढ़ाई भी की है। इसके बाद वो B.Ed की पढ़ाई कर रही हैं। निधी की परीक्षा 1 से 3 जून तक थी और उन्हें 8 जून तक अपनी उत्तर पुस्तिका जमा करनी थी, लेकिन वो वीकनेस होने के कारण इन दिनों 3 घंटे ही लिख पाती हैं और अब भी वो एक पेपर की उत्तरपुस्तिका लिख रही हैं। उनको डर है कि पता नहीं उनका कॉलेज उनका कॉपी जमा करता है या नहीं।

पैनिक अटैक आया, एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल जाते रहे

निधी के भाई गौरव ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि दीदी 12 अप्रैल को कोरोना से संक्रमित हुई थीं। इसके कुछ दिन बाद 18 अप्रैल को उनकी तबियत बिगड़ गई थी। जिस पर हमने उसे संतोषी नगर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। फिर भी उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ, इसके बाद हमने दूसरे निजी अस्पताल में एडमिट कराया, यहां उन्हें NIV ‌‌वेंटिलेटर पर रखा गया था। फिर भी हालत में कुछ ज्यादा सुधार नहीं हुआ। दीदी को बीच में पैनिक अटैक भी आया था, उस दौरान हम सब बहुत डर गए थे। निधी का ऑक्सीजन लेवल भी घट कर 44 तक चला गया था।

निधी का एक 5 साल का बेटा भव्य है और उनके पति अशोक मंत्रालय में नौकरी करते हैं।
निधी का एक 5 साल का बेटा भव्य है और उनके पति अशोक मंत्रालय में नौकरी करते हैं।

3 मई को कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई, पर ऑक्सीजन लेवल घटता-बढ़ता रहा

गौरव बताते हैं कि इस बीच प्राइवेट हॉस्पिटल के खर्चे भी ज्यादा था, हमारी आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी। इसलिए हमने दीदी को रायपुर एम्स में एडमिट कराया। यहां भी कुछ दिन NIV ‌‌वेंटिलेटर पर रहीं थी। उनकी रिपोर्ट 3 मई को कोरोना निगेटिव जरूर आ गई पर लंग्स इंफेक्शन, ऑक्सीजन लेवल घटते-बढ़ते रहने के कारण उन्हें अस्पताल में ही रखना पड़ा। अब भी वो ऑक्सीजन की कमी के चलते, ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रही हैं। उम्मीद है वो जल्द ठीक हो जाएंगी। इधर डॉक्टरों का कहना है कि निधी को अब भी पूरी तरह ठीक होने में 6 महीने लगेंगे।

निधी ने अशोक से कुछ साल पहले ही लव मैरिज किया था।
निधी ने अशोक से कुछ साल पहले ही लव मैरिज किया था।

भव्य इंतजार कर रहा कि मम्मी कब आएगी

निधी रायपुर के महेश कॉलोनी गुढ़ियारी में रहती हैं। उनका एक पांच साल का बच्चा भव्य है, जो अभी अपनी नानी के पास है। भव्य इंतजार कर रहा है कि उसकी मम्मी अस्पताल से ठीक होकर कब घर आएगी। निधी के पति अशोक मिश्रा मंत्रालय में काम करते हैं। निधी और अशोक ने कुछ साल पहले ही लव मैरिज किया था, अशोक बताते हैं कि सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन कोरोना ने ये सब परेशानी खड़ी कर दी।

अलग-अलग जगह पर काम कर चुकी हैं निधी

गौरव बताते हैं कि दीदी शुरू से ही काफी मेहनती रही हैं। पापा 2010 में गुजर गए थे, इसके बाद से ही वो अलग-अलग फील्ड मेंं काम करती रहीं, जिससे हम सब को परेशानी न हो। पापा भी CSEB में थे, जिसके कारण उनकी जगह मुझे काम मिल गया था। लेकिन दीदी फिर भी मेहनत कर खुद ही अपना काम करती रहीं। बस हम चाहते हैं कि दीदी जल्दी ठीक होकर घर आ जाए।

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