रामानुजगंज विधायक बृहस्पत सिंह की मां का निधन:चार दिन पहले कोरोना की रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव, मिशन अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ हार्ट अटैक

​​​​​​​अंबिकापुर6 महीने पहले
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कोविड सेंटर में उपचार के दौरान शनिवार शाम को रजनी देवी का ऑक्सीजन लेवल अचानक से कम हो गया। इसके बाद उन्हें अंबिकापुर स्थित होली क्रॉस मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। - डमी फोटो - Dainik Bhaskar
कोविड सेंटर में उपचार के दौरान शनिवार शाम को रजनी देवी का ऑक्सीजन लेवल अचानक से कम हो गया। इसके बाद उन्हें अंबिकापुर स्थित होली क्रॉस मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। - डमी फोटो

छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज से विधायक और कांग्रेस नेता बृहस्पत सिंह की मां रजनी देवी (85) का निधन हो गया। कोरोना संक्रमण के चलते उन्हें उपचार के लिए मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार तड़के करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार बलरामपुर जिले में उनके गृहग्राम भंवरपाल में किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, विधायक बृहस्पत सिंह की मां रजनी देवी अपने छोटे बेटे वीरेंद्र सिंह के परिवार के साथ बलरामपुर के गांव भंवरपाल में रहती थीं। बताया जा रहा है कि 4 दिन पहले वीरेंद्र सिंह की पत्नी, उनकी बेटी और मां की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद तीनों को बलरामपुर के आरागाही कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया था।

कोविड सेंटर में ऑक्सीजन लेवल कम होने पर लाए थे अंबिकापुर
कोविड सेंटर में उपचार के दौरान शनिवार शाम को रजनी देवी का ऑक्सीजन लेवल अचानक से कम हो गया। इसके बाद परिजन उन्हें एंबुलेंस से लेकर अंबिकापुर स्थित होली क्रॉस मिशन अस्पताल पहुंचे और भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि तड़के करीब 4 बजे इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ गया। इसके चलते उनकी मौत हो गई।

बलरामपुर में वेंटिलेटर नहीं, इसलिए 150 किमी दूर अंबिकापुर लाए

स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी कोरोना संक्रमित मरीजों पर भारी पड़ती जा रही है। विधायक बृहस्पति सिंह की मां को गांव के कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया था। वहां ऑक्सीजन की सुविधा भी है, लेकिन जब किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है तो पूरे जिले में वेंटिलेटर तक नहीं है। इसी के चलते कांग्रेस नेता की मां को भी 150 किमी दूर अंबिकापुर लेकर आना पड़ा।

अंबिकापुर में 15 कोविड सेंटर, इनमें 700 बेड खाली, फिर भी मारामारी

सरगुजा संभाग के बड़े सेंटर के रूप में अंबिकापुर में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। इसके चलते सभी जिलों के मरीज हालत बिगड़ने पर अंबिकापुर का ही रुख करते हैं। जिले में 15 कोविड सेंटर बनाए गए हैं। खास बात यह है कि 6 प्राइवेट अस्पताल भी सरकार ने अधिगृहित किए हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं, इनमें 700 से ज्यादा बेड खाली हैं। फिर भी रोजाना बेड के लिए मारामारी होती है।

सेंटर का नामबेड की संख्या8 मई को खाली बेड
मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर17017
पॉलिटेक्निक कॉलेज500467
साईं आइसोलेशन सेंटर5050
CHC उदयपुर2017
CHC मैनपाट3532
CHC बतौली6460
CHC लखनपुर3024
CHC धौरपुर2020
CHC सीतापुर90
जीवन ज्योति7010
लाइफ लाइन अस्पताल281
केडी अस्पताल260
होली क्रॉस अस्पताल806
लक्ष्मी नारायण हेल्थ केयर अस्पताल60
शिशु मंगलम अस्पताल201

सरगुजा में एक्टिव केस 4378, बलरामपुर में 3100, दोनों जिलों में 244 मौतें

सरगुजा और बलरामपुर जिले में संक्रमण के आंकड़े बढ़ रहे हैं। अब तक सरगुजा में 24 हजार 297 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 181 मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि 19 हजार 738 लोग स्वस्थ भी हुए हैं, जबकि 4378 एक्टिव केस हैं। ऐसी ही कुछ स्थिति बलरामपुर की है। यहां 12 हजार 268 केस मिले हैं। इनमें 9 हजार 105 ठीक हुए हैं। वहीं 122 मरीजों की मौत हो चुकी है। एक्टिव केस 3100 हैं।

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