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कोरोना से 7 नक्सलियों की मौत:महामारी के डर से संगठन छोड़ भागे 9 नक्सली, पत्र में लिखा- जिंदा रहेंगे तभी क्रांतिकारी आंदोलन आगे बढ़ा सकते हैं

​​​​​​​दंतेवाड़ा2 महीने पहलेलेखक: लोकेश शर्मा
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बीजापुर के गंगालूर में हुई मुठभेड़ के बाद जवानों ने वहां से कई सामान बरामद किया। इसी में नक्सली का लिखा पत्र भी मिला है। - Dainik Bhaskar
बीजापुर के गंगालूर में हुई मुठभेड़ के बाद जवानों ने वहां से कई सामान बरामद किया। इसी में नक्सली का लिखा पत्र भी मिला है।

कोरोना संक्रमण और फूड प्वॉइजनिंग से नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है। बड़े कैडर के कई नक्सलियों की मौत हुई है और कई ऐसे हैं, जो बीमारी से जूझ रहे हैं। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मंगलवार को हुई मुठभेड़ के बाद नक्सलियों का पत्र पुलिस के हाथ लगा है। इसमें बीमारी से 7 नक्सलियों की मौत और 9 के डर कर संगठन छोड़ जाने की बात लिखी हुई है। दैनिक भास्कर ने इस संबंध में एक दिन पहले ही खबर प्रकाशित की थी।

पत्र नक्सली विकास ने सुजाता को लिखा है, दोनों पर 25-25 लाख का इनाम
दरअसल, मुठभेड़ के बाद जो पत्र बरामद हुआ है, वह गोंडी बोली में लिखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि नक्सली विकास ने अपनी साथी सुजाता को यह पत्र लिखा है। दोनों नक्सली 25-25 लाख रुपए के इनामी है। पत्र में लिखा है कि दक्षिण बस्तर, दरभा और पश्चिम बस्तर डिवीजन के कई नक्सली बीमारी से लड़ रहे हैं। वहीं दक्षिण बस्तर के रूपी, दरभा डिवीजन CNM कमांडर हुंगा, देवे, गंगा, सुदरु, मुन्नी और रीना की मौत का जिक्र है।

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मुठभेड़ के बाद जो पत्र बरामद हुआ है, वह गोंडी बोली में लिखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि नक्सली विकास ने अपनी साथी सुजाता को यह पत्र लिखा है।
मुठभेड़ के बाद जो पत्र बरामद हुआ है, वह गोंडी बोली में लिखा हुआ है। पुलिस का कहना है कि नक्सली विकास ने अपनी साथी सुजाता को यह पत्र लिखा है।

दैनिक भास्कर के भी पास पत्र की कॉपी, लिखा है- कई की हालत खराब
दैनिक भास्कर ने पिछले 4 दिनों में इस संबंध में दो खबरें प्रकाशित की हैं। इसमें 100 से ज्यादा नक्सलियों के संक्रमित होने और उनमें AP स्ट्रेन के खतरे की बात कही गई है। वहीं 10 से ज्यादा नक्सलियों की मौत होना भी बताया गया है। फिलहाल पुलिस को मिले पत्र की कॉपी भास्कर के पास भी है। इसमें DVC राजेश, सुरेश, मनोज की स्थिति खराब बताई गई है। वहीं नक्सली मंगू के भी बीमार होने की बात है। यह सभी नक्सली बड़े कैडर के हैं।

जो दवाइयां उपलब्ध उसका असर नहीं, नाकाबंदी के कारण सप्लाई भी बंद
नक्सलियों के इस पत्र में बीमारी से बड़े कैडर के 9 नक्सलियों के भागने का जिक्र है। इनमें सेक्शन कमांडर बुधराम व विमला, प्लाटून से रितेश, जोगा, दरभा डिवीजन से नागेश, सुमित्रा, अनिता और कोंटा प्लाटून से नक्सली रूपेश के संगठन छोड़कर भाग जाने की बात कही गई है। पत्र में यह भी लिखा है कि जो दवाइयां उपलब्ध हैं उसका असर नहीं हो रहा है। पुलिस की नाकाबंदी लगे होने से पहले की तरह राशन, दवाई सप्लाई नहीं हो पा रही है ।

पुलिस को मिले पत्र की कॉपी भास्कर के पास भी है। इसमें DVC राजेश, सुरेश, मनोज की स्थिति खराब बताई गई है। वहीं नक्सली मंगू के भी बीमार होने की बात है। यह सभी नक्सली बड़े कैडर के हैं।
पुलिस को मिले पत्र की कॉपी भास्कर के पास भी है। इसमें DVC राजेश, सुरेश, मनोज की स्थिति खराब बताई गई है। वहीं नक्सली मंगू के भी बीमार होने की बात है। यह सभी नक्सली बड़े कैडर के हैं।

बीमारी को लेकर नक्सलियों में आपस में टकराव भी हुआ
इस पत्र में यह भी बताया गया है कि बीमारी के संबंध में पिछली जोनल मीटिंग में चर्चा हुई थी। सभी को सावधान रहने को कहा गया था। इस बात को लेकर आपस में तीखी बहस भी हुई थी, लेकिन किसी ने माना नहीं। बड़े नक्सलियों पर भी निशाना साधते हुआ कहा गया है कि जोनल कमेटी के सदस्य निचले कैडर तक सही जानकारी नहीं पहुंचाते हैं। डेढ़ साल से स्थाई नेतृत्व नहीं होने से महत्वपूर्ण निर्णय नहीं हो पा रहा है।

जो नक्सली संगठन से भागे हैं, उनसे संपर्क कर सरेंडर कराने का प्रयास किया जाएगा
गंगालूर में मुठभेड़ के बाद एक पत्र बरामद हुआ है। यह नक्सलियों के बड़े कैडर के विकास ने सुजाता के लिए लिखा है। अभी नक्सलियों ने सिर्फ 7 की मौत को स्वीकार किया है। इससे ज़्यादा मौतों की खबर है। जिन नक्सलियों की मौत हुई है और जो बीमारी के डर से संगठन छोड़ भागे हैं सभी बड़े कैडर के इनामी नक्सली हैं। उनसे संपर्क कर सरेंडर कराकर इलाज कराया जाएगा।
- डॉ. अभिषेक पल्लव, SP दंतेवाड़ा

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